इस भाषण के बाद जो कच्चा तेल $100 के नीचे गिर रहा था, वह अचानक उछलकर $105 के पार पहुंच गया. ट्रंप ने ऑफर दिया कि जो देश युद्ध की वजह से तेल नहीं पा रहे हैं, वे अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक होर्मुज का रास्ता पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता, तेल की कीमतों में ऐसी ही उछाल बनी रहेगी. निवेशकों को भरोसा है कि अमेरिका जल्द ही इस युद्ध से बाहर निकल जाएगा. विदेशी निवेशकों (FII) ने बुधवार को 8,072 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू निवेशकों (DII) ने 7,019 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभाला.
Source: NDTV April 02, 2026 04:11 UTC