Success Story: सिर्फ ₹500 से बना दिया ₹2 लाख रुपये महीने का बिजनेस, ताना देने वालों को म‍िला जवाब - News Summed Up

Success Story: सिर्फ ₹500 से बना दिया ₹2 लाख रुपये महीने का बिजनेस, ताना देने वालों को म‍िला जवाब


आज प्रतिभा झा की सफलता सिर्फ उनके अपने मुनाफे तक सीमित नहीं है। 2018 से उन्होंने कृषि विभाग के सहयोग से अन्य ग्रामीणों को प्रशिक्षित करना शुरू किया। अब तक वह 10,000 से अधिक किसानों को मशरूम की खेती सिखा चुकी हैं। वह जिन किसानों को सिखाती हैं, उनसे मशरूम खरीदकर उन्हें बाजार दिलाने में भी मदद करती हैं। इससे एक आत्मनिर्भर ईकोसिस्टम तैयार हो गया है। उनका सपना अब बिहार के अन्य जिलों में अपने व्यवसाय का विस्तार करना है। साथ ही हर खाली कमरे को एक मुनाफे वाले मशरूम फार्म में बदलना है।शुरुआत में स्थानीय लोग मशरूम खाने को लेकर सहज नहीं थे। ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए प्रतिभा ने बाजार भाव से आधी कीमत 20 रुपये प्रति किलो पर मशरूम बेचना शुरू किया। उन्होंने मशरूम के अचार, पापड़ और स्नैक्स जैसे वैल्यू-डेड प्रोडक्‍ट भी पेश किए। धीरे-धीरे लोगों को उनके केमिकल फ्री फ्रेश मशरूम का स्वाद पसंद आने लगा। आज प्रतिभा सिर्फ फ्रेश मशरूम ही नहीं बेचती हैं। इसके बजाय सुखाए हुए मशरूम और बीजों के जरिये भी बढ़‍िया कमाई कर रही हैं। उनका मासिक कारोबार अब 2 लाख रुपये तक पहुंच गया है।यह शुरुआत किसी भी तरह से आसान नहीं थी। पहली फसल से उन्हें सिर्फ 1,000 रुपये की कमाई हुई। इसके बाद दूधिया मशरूम उगाने के पहले प्रयास में उन्हें उम्मीद से बहुत कम पैदावार मिली। लेकिन, प्रतिभा ने हार नहीं मानी। इसके बजाय अपनी गलतियों से सीखा। बीज (स्‍पॉन) की कमी को दूर करने के लिए उन्होंने दिल्ली की पूसा यूनिवर्सिटी से ट्रेनिंग ली। खुद ही बीज बनाना शुरू कर दिया। एक छोटे ऑटोक्लेव और स्पिरिट लैंप जैसे साधारण उपकरणों की मदद से वह हर दिन 10 किलो बीज तैयार करने लगीं। इससे उनके व्यवसाय की लागत कम हुई। साथ ही प्रॉफिट बढ़ गया।प्रतिभा झा मुजफ्फरपुर में पली-बढ़ीं। बचपन से ही उन्‍हें मशरूम उगाने का तरीका लुभाता था। लेकिन, पिता के असमय निधन के बाद कम उम्र में हुई शादी ने उन्हें घरेलू जिम्मेदारियों में बांध दिया। उनके ससुराल वाले काफी रूढ़िवादी थे। महिलाओं के बाहर काम करने के खिलाफ। हालांकि, अपने पति के समर्थन और खुद के कुछ कर गुजरने के जुनून के कारण प्रतिभा ने 2015 में मशरूम खेती की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। 2016 में उनकी ट्रेनिंग पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने अपने पुराने घर के एक छोटे से 10x10 के कमरे में ऑयस्टर मशरूम की खेती शुरू की। इसकी शुरुआत प्रतिभा ने सिर्फ 500 रुपये की पूंजी से की थी।


Source: Navbharat Times March 30, 2026 02:08 UTC



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