लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को स्मार्ट तरीके से बुक करें अधिकतर लोग म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार से प्रॉफिट बुक करते समय ये ध्यान एक ही साथ पूरा प्रॉफिट बुक कर लेते हैं। जैसे 4-5 साल बाद एक ही बार तगड़ा मुनाफा काट लेते हैं। ऐसे में उनके ऊपर टैक्स का बोझ अधिक पड़ जाता है। यहां बता दें कि 1 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर एक वित्त वर्ष में टैक्स नहीं लगता है। ऐसे में 4-5 साल में एक बार प्रॉफिट बुक करने के बजाय हर साल थोड़ा-थोड़ा प्रॉफिट बुक करते चलें, ताकि आपको मुनाफा टैक्स फ्री रहे।कैपिटल लॉस से भी कमाएं फायदा ये तो अधिकतर निवेशक जानते हैं कि शॉर्ट टर्म कैपिटल लॉस को शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के साथ एडजस्ट किया जा सकता है। हालांकि, लॉन्ग टर्म कैपिटल लॉस को सिर्फ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के साथ ही एडजस्ट कर सकते हैं। ऐसे में आप कुछ लॉस भी करें, जिससे उसे एडजस्ट कर के टैक्स से बच सकें। ये सुनने में अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन फायदे वाला तरीका है। हालांकि, आपको ये कैल्कुलेट करना होगा कि कितना लॉस होने से आपका टैक्स भी बच जाए और आपको अधिक नुकसान ना झेलना पड़े। लॉस बुकिंग के जरिए आप अपने पोर्टफोलिया को कमजोर स्टॉक्स को बाहर कर सकते हैं या फिर नुकसान झेल रही कंपनी का स्टॉक बेच सकते हैं और बाद में जब कीमत गिरे तो शेयर फिर से खरीद सकते हैं।54EC बॉन्ड्स से बचाएं टैक्स ये तो हम सभी जानते हैं कि एक घर को बेचने से हुए कैपिटल गेन पर टैक्स बचाने के लिए दूसरा घर खरीदना फायदे का सौदा होता है, लेकिन 54ईसी बॉन्ड्स में भी निवेश कर के यही फायदा उठा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन बॉन्ड्स से मिले रिटर्न पर कोई टीडीएस नहीं लगता है। आप घर बेचने से हुए कैपिटल गेन को अलग-अलग हिस्सों में 54ईसी बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं। ध्यान रहे, ये निवेश घर बेचने के 6 महीने के अंदर-अंदर कर लें। ये पीएसयू यूनिट के बॉन्ड होते हैं, जो सुरक्षित निवेश होते हैं। हालांकि, इन बॉन्ड से जुड़े कुछ प्रतिबंध भी हैं। पहला तो यही है कि इसे 5 साल तक ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, यानी कि पैसे 5 साल के लिए लॉक हो जाएंगे। दूसरा ये कि इसमें अधिकतम 50 लाख रुपये तक ही निवेश हो सकता है और अधिकतम 50 लाख रुपये तक पर ही टैक्स छूट मिल सकती है।
Source: Navbharat Times June 30, 2021 10:07 UTC