भारत में सबसे ज्यादा आयात चीन से होता है, यह कोई छुपी बात नहीं है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन के बीच व्यापार घाटा (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) इस साल बढ़कर 106 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि चीन से भारत में आयात की रफ़्तार, भारत से चीन को होने वाले निर्यात की रफ़्तार से कहीं ज़्यादा तेज़ है।GTRI के मुताबिक, भारत चीन से जो भी सामान मंगाता है, उसका लगभग 80% हिस्सा सिर्फ चार तरह के सामानों में है: इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, ऑर्गेनिक केमिकल्स और प्लास्टिक।पिछले साल हमने अमेरिका से कुल 45.62 बिलियन डॉलर का सामान आयात किया था। इनमें सबसे ज्यादा एडिबल फ्रूट एंड नट का रहा था। उसके बाद एडिबल वेजिटेबल्स, फिश, प्रोडक्ट्स ऑफ एनिमल ओरिजिन, लाइव एनिमल्स आदि का रहा है। अब इसे बढ़ा कर 500 बिलियन डॉलर का करने की बात की जा रही है। इनमें एग्रीकल्चर और डेरी प्रोडक्ट्स भी शामिल होंगे।इस समय भारत सबसे ज्यादा इंपोर्ट कच्चे तेल और इससे जुड़ी सामग्रियों का करता है। पिछले साल हमने 218.45 बिलियन डॉलर का क्रूड ऑयल मंगाया था। इसके बाद दूसरे स्थान पर इलेक्ट्रिकल मशीनरी एवं इक्विपमेंट रहा था। पिछले साल 88.59 बिलियन डॉलर की इलेक्ट्रिकल मशीनरी मंगाई गई थी। तीसरे स्थान पर मोती और कीमती पत्थर, चौथे स्थान पर न्यूकिलियर रिएक्टर के साजोसामान और पांचवे स्थान पर आर्गेनिक केमिकल्स रहे थे।डीजीएफटी के आंकड़ों के अनुसार साल 2024-25 के दौरान हमने सबसे ज्यादा आयात चीन से किया था। यह 113.44 बिलियन डालर रहा था। इसके बाद स्थान रूस का रहा था जहां से हमने 63.81 बिलियन डॉलर का सामान मंगाया था। तीसरे स्थान पर संयुक्त अरब अमीरात था जहां से 63.40 बिलियन डॉलर का सामान आया था। चौथे स्थान पर अमेरिका था जहां से 45.62 बिलियन डॉलर का माल आया था। उस साल 30.12 बिलियन डॉलर के इंपोर्ट के साथ पांचवें स्थान पर सऊदी अरब रहा था।केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाले विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) के आंकड़ों के अनुसार साल 2024-25 के दौरान भारत में कुल 721.20 बिलियन डॉलर का आयात हुआ था। यह एक साल पहले के 678.21 बिलियन डॉलर के मुकाबले 6.34 फीसदी ज्यादा है। इस समय हमारा आयात दुनिया के 229 देशों से होता है।
Source: Navbharat Times February 04, 2026 10:17 UTC