UP के 74 जिलों में ब्लैकआउट, युद्ध का सायरन बजा:यूपी के 74 जिलों में शुक्रवार शाम 6 बजे से ब्लैकआउट हुआ। मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही हर जगह अंधेरा छा गया। गोरखपुर में जहां डमी मिसाइल गिरी, वहीं कानपुर में धमाके की आवाज सुनकर लोग जमीन पर लेट गए। वाराणसी में बिल्डिंग में फंसी महिला को रस्सी के. ऑपरेशन सिंदूर के समय भी ऐसा ही मॉक ड्रिल देखने को मिला था। सीएम योगी ने लखनऊ पुलिस लाइन से मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग की। उन्होंने इसमें हिस्सा लेने वाली सभी टीमों की तारीफ की। सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर यूपी में 10 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया गया।मॉक ड्रिल युद्ध के समय हवाई हमलों जैसे हालात में दुश्मन से लोकेशन छिपाने और सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए कराया जाता है। सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मॉक ड्रिल में शामिल रहीं। प्रशासन ने सभी जिलों में इसके लिए पहले ही जगहों को चिन्हित किया था।पहले 5 तस्वीरें देखिए...गोरखपुर में जमीन पर मिसाइल गिरते ही सुरक्षा कर्मी भागकर मौके पर पहुंचे।आगरा में हमले में घायल महिला को बचावकर्मी उठाकर ले जाते हुए।आगरा में घायल को बचावकर्मी स्ट्रेचर पर लादकर ले जाते हुए।गोंडा में हवा में मिसाइल की आवाज होते रेस्क्यू टीम दौड़कर पहुंची।वाराणसी में बिल्डिंग में फंसी महिला को रस्सी के सहारे उतारकर बचाया गया।ब्लैकआउट का मकसद समझिए ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य युद्ध या हवाई हमले की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शाम के समय लाइटें बंद रखने से दुश्मन को किसी भी क्षेत्र की सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाता। इस मॉक ड्रिल के जरिए एनसीसी, स्काउट गाइड और सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारियों को परखती है।प्रशासन इस अभ्यास के जरिए लोगों को यह समझाता है कि भविष्य में अगर कभी ऐसी आपात स्थिति बनती है, तो घबराने के बजाय किस तरह अनुशासन में रहकर अपनी और देश की सुरक्षा में सहयोग करें।मॉक ड्रिल क्यों जरूरी? मॉक ड्रिल से युद्ध, हवाई हमले, आतंकी हमले या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में प्रशासन आम जनता के लिए तैयारी करता है। क्योंकि अभ्यास पहले से होगा तो असली हालात में सही और तेज फैसला लिया जा सकेगा। इस अभियान में पुलिस, सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और होमगार्ड अलग-अलग काम करते हैं।मॉक ड्रिल से यह परखा जाता है कि आपात स्थिति में ये एजेंसियां कितनी जल्दी और कितने बेहतर तालमेल से काम कर पाती हैं। युद्ध के समय दुश्मन हवाई हमले के लिए रोशनी के जरिए टारगेट पहचानता है। ब्लैकआउट से शहर की लोकेशन छिप जाती है। हवाई हमलों से नुकसान कम होता है। आम नागरिक सुरक्षित रहते हैं।यूपी में ब्लैकआउट से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए.....
Source: Dainik Bhaskar January 23, 2026 16:26 UTC