US Markets Tumble Amid Iran-Israel Tensions - News Summed Up

US Markets Tumble Amid Iran-Israel Tensions


Hindi NewsBusinessUS Markets Tumble Amid Iran Israel Tensions | Dow Jonesईरान-इजराइल जंग के बीच अमेरिकी बाजार 400 अंक गिरा: 48,501 के स्तर पर बंद हुआ; ट्रम्प के एक बयान से आई बाजार में रिकवरीवॉशिंगटन 12 घंटे पहलेकॉपी लिंकतेल की कीमतें बढ़ने से फ्यूल कॉस्ट बढ़ गई है, जिससे डेल्टा, यूनाइटेड और अमेरिकन एयरलाइंस के शेयर 6% तक टूट गए।अमेरिकी शेयर बाजार डाओ जोंस 3 मार्च को गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान एक समय 1,200 पॉइंट से भी ज्यादा टूट गया था, लेकिन बाद में इसने निचले स्तरों से करीब 800 पॉइंट की रिकवरी की।डाउ जोन्स 403 अंक (0.83%) गिरकर 48,501 के स्तर पर बंद हुआ।टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 1.02% गिरकर 22,516 पर बंद हुआ।S&P 500 इंडेक्स 65 अंक (0.94%) गिरकर 6,816 पर बंद हुआ।ट्रम्प के एक बयान से आई बाजार में रिकवरीबाजार में यह रिकवरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान के बाद आई है। ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन से कहा है कि वह बहुत वाजिब कीमत पर समुद्री व्यापार की वित्तीय सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस उपलब्ध कराए।ट्रम्प का यह बयान तब आया है जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने तेल सप्लाई के अहम रूट हॉर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज को आग लगाने की धमकी दी है। यह रास्ता दुनिया की 20% से ज्यादा तेल सप्लाई के लिए सबसे बड़ा और अहम पॉइंट है।ट्रम्प ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिकी नौसेना हॉर्मुज जलमार्ग से टैंकरों को सुरक्षा देकर बाहर निकालेगी, ताकि एनर्जी की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।अमेरिकी बाजार में गिरावट के 5 प्रमुख कारण1. ईरान का पलटवार और युद्ध का विस्तारइजराइल-अमेरिका के ईरान पर किए गए हमलों के बाद उसकी जवाबी कार्रवाई ने निवेशकों को डरा दिया है। सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले और मिडिल ईस्ट के अन्य हिस्सों में बढ़ती हिंसा से यह डर बैठ गया है कि यह जंग अब लंबी खिंचेगी। बाजार को अंदेशा है कि यह केवल दो देशों तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र में फैल सकती है।2. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरीईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है। जहां से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें आज 5% से ज्यादा उछलकर 80.14 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। तेल महंगा होने का सीधा मतलब है कंपनियों की लागत बढ़ना और मुनाफा घटना।3. महंगाई और ब्याज दरों का डरतेल और गैस की कीमतों में अचानक आई इस तेजी ने महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा कर दिया है। निवेशकों को डर है कि अगर महंगाई बढ़ी, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें और बढ़ा सकता है या लंबे समय तक स्थिर रख सकता है। ऊंची ब्याज दरें शेयर बाजार के लिए हमेशा निगेटिव संकेत होती हैं।4. एयरलाइंस और टेक शेयरों में भारी बिकवालीएयरलाइंस: तेल की कीमतें बढ़ने से फ्यूल कॉस्ट बढ़ गई है, जिससे डेल्टा, यूनाइटेड और अमेरिकन एयरलाइंस के शेयर 3-6% तक टूट गए हैं।टेक स्टॉक्स: नैस्डैक में गिरावट की बड़ी वजह ऊंची वैल्यूएशन वाले टेक शेयर हैं। अनिश्चितता के माहौल में निवेशक जोखिम वाले टेक शेयरों से पैसा निकालकर सोना-चांदी जैसे सुरक्षित जगहों में लगा रहे हैं।5.


Source: Dainik Bhaskar March 03, 2026 20:50 UTC



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