वसुंधरा बोलीं- किसी का दिल दुखाना, तोड़ना भी हिंसा:पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा- जैन धर्म अहिंसा पर आधारित है, किसी भी जीव, प्राणी के जीवन को नुकसान पहुंचाना हिंसा मानी गई है।. हथियार से हिंसा करना या किसी को मारना-पीटना ही हिंसा नहीं है, किसी का दिल दुखाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा है। राजनीति में अक्सर ऐसा होता है। राजनीति में दिल तोड़े भी जाते हैं और दिल दुखाए भी जाते हैं।वसुंधरा राजे सोमवार को डीडवाना-कुचामन जिले के छोटी खाटू में आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव में बोल रही थीं।वसुंधरा राजे ने कहा- राजमाता विजया राजे सिंधिया ने सिखाया है कि जीवन में किसी का मन आहत मत करो। मैं उन्हीं की राह पर चल रही हूं।वसुंधरा राजे छोटी खाटू में आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव में बोल रही थीं।वसुंधरा राजे ने कहा- किसी के साथ अन्याय करना और किसी का हक छीनना भी अधर्म है। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय का अभाव है। यदि लोग समय निकाल कर भगवान का स्मरण कर लें तो जीवन में कठिनाइयां आए ही नहीं।इस अवसर पर युगप्रधान आचार्य महाश्रमण ने कहा कि नैतिकता,सद्भावना और नशामुक्ति व्यक्ति के जीवन में होना चाहिए। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे संस्कारवान जननेता हैं, जो संतों के सामने आसन पर नहीं बैठती। कुर्सी का उपयोग नहीं करती हैं।वसुंधरा राजे के बयानों के सियासी मायने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के धार्मिक कार्यक्रम में दिए बयानों के सियासी मायने हैं। सियासी जानकार इसे मौजूदा सियासी हालात से जोड़कर देख रहे हैं। वसुंधरा राजे पिछले काफी समय से इशारों में गूढ़ सियासी बातें कह रही हैं।........ये खबर भी पढ़ें...राजे बोलीं- फोन नहीं उठाने वाले अफसर परिणाम भुगतेंगे:बूथ अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष हमारे एम्बेसडर, उनके साइन से जनता के काम होंबीजेपी की संगठनात्मक कार्यशाला में 3 जनवरी को पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा था- बूथ अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष हमारे एम्बेसडर हैं। उनके साइन से जनता के काम हों। अधिकारी एक घंटी में उनका फोन उठाएं और काम करें। वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। पूरी खबर पढ़ें...
Source: Dainik Bhaskar January 26, 2026 22:01 UTC