5 /10 हरियाली तीजधरती जब हरी चादर ओढ़ लेती है यानी कि हर तरफ हरियाली ही हरियाली होती है तब हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस बार यह तिथि 11 अगस्त बुधवार को पड़ रही है। इसमें सुहागिन स्त्रियां निर्जला व्रत रखती हैं। हाथों में मेहंदी, नई चूड़ियां और पैरों में आलता लगाती हैं। इसके बाद नए वस्त्र पहनकर सुहागिनें एकत्रित होकर किसी बाग या मंदिर में जाकर मां पार्वती की प्रतिमा को रेशमी वस्त्र और गहनों से सजाती हैं। इसके बाद अर्द्ध गोले का आकार बनाकर माता की मूर्ति बीच में रखकर पूजा करती हैं। इसके बाद पति का ध्यान करते हुए महिलाएं हरियाली तीज की कथा सुनती हैं। कथा के समापन पर सभी अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इसके बाद सुहागिनें अपनी सास के पांव छूकर उन्हें सुहागी देती हैं। सास न हो तो जेठानी या घर की बुजुर्ग महिला को देती हैं।shravan fasting rules कुछ भी हो जाए इन 4 महिलाओं और पुरुषों को नहीं रखना चाहिए सावन का व्रत
Source: Navbharat Times July 25, 2021 04:07 UTC