एनबीटी न्यूज, गुड़गांवसेक्टर-57 स्थित नोबल स्कूल में बुधवार को पुराने शिक्षकों ने ही छात्रों को पढ़ाया। वहीं नए शिक्षकों की टीम स्कूल में नहीं नजर आई। 2 दिनों तक चले विवाद के बाद बुधवार से सुचारु रूप से क्लासेज लगीं, लेकिन छात्रों की संख्या लगभग 50 पर्सेंट ही नजर आई। वहीं पुरानी टीचर्स फैकल्टी में से 5 शिक्षकों ने रिजाइन भी कर दिया है, जबकि उन्हें भी स्कूल की ओर से सैलरी अभी तक नहीं मिल पाई है। वहीं पैरंट्स पर फीस देने का भी दबाव बनाया जाने लगा है।दरअसल, स्कूल के कई पैरंट्स ने अभी तक फीस जमा नहीं की है। स्कूल की ओर से कैश फीस की डिमांड के बाद पैरंट्स ने फीस देने से ही इनकार कर दिया। पैरंट्स प्रदीप सिंह का कहना है कि वो फीस देने को तैयार हैं, लेकिन चेक या ऑनलाइन पेमेंट ही करेंगे। कैश फीस नहीं जमा करेंगे। वहीं पैरंट्स निधि का कहना है कि वो फीस जमा कर चुकी हैं, लेकिन अब स्कूल की ओर से कहा जा रहा है कि जब तक सभी पैरंट्स फीस जमा नहीं कर देते तो टीचर्स को फीस कैसे दी जाएगी। टीचर्स फैकल्टी का कहना है कि 20 फरवरी तक ही क्लासेज में जाएंगे। अगर उन्हें इन 14 दिनों में सैलरी नहीं मिली तो स्कूल के खिलाफ केस करेंगे। स्कूल मैनेजमेंट की ओर से केवल स्कूल टीचर्स की ही सैलरी नहीं रोकी गई है, बल्कि स्कूल के गार्ड, माली समेत अन्य स्टाफ की भी 3 महीनों से सैलरी नहीं दी है। स्कूल मैनेजमेंट कमिटी से मनी गुप्ता का कहना है कि अब किसी को भी कोई परेशानी नहीं आएगी, क्योंकि शिक्षकों को उनकी सैलरी दे दी जाएगी और यह सेशन इस स्कूल में संचालित होगा।
Source: Navbharat Times February 07, 2019 02:26 UTC