यह सपना महज एक सपना नहीं था, यह हम सब के लिए उम्मीद और आशा की किरण भी था। हम सब चाहते थे कि यह सपना साकार हो, लेकिन जैसा कि होता है, किसी भी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति बाधाओं से पार पाए बिना नहीं होती। कोटा एयरपोर्ट के निर्माण के इस महासंकल्प की सिद्धी में भी अनेक बाधाएं आईं। समय-समय पर ऐसे अनेक कारक उत्पन्न हुए जो हमारे इंतजार को बढ़ाते रहे, लेकिन हमने हार नहीं मानी और धैर्य से सभी बाधाओं का समाधान किया, जिसका प्रतिफल है कि आज शंभूपुरा में कोटा-बूंदी एयरपोर्ट का शिलान्यास करने जा रहे हैं।