मौजूदा समय में चंबा डिपो से सात लंबे रूट सहित कुल 60 रूट पर बस सेवा संचालित की जा रही है। जरूरत व मांग मुताबित रूट को बढ़ाया जा रहा है। पहली से अंतरराज्यीय रूट पर चलने वाली 11 बसों का भी प्रपोजल निगम ने परिवहन विभाग को भेज दिया है। उम्मीद है मंजूरी मिलते ही सेवा सुचारू हो जाएगी। इनमें दिल्ली जाने वाली दो बसें, हरिद्वार, देहरादून, शिमला वाया बद्दी, शिमला वाया चंडीगढ़, पठानकोट के लिए तीन बसें, एक चंडीगढ़ व मंडी शामिल हैं।-कुल कितने रूट पर बस सेवा उपलब्ध करवाती है एचआरटीसी? कोरोना महामारी से पहले सामान्य स्थिति के दौरान की बात करें तो चंबा डिपो से कुल 153 रूटों पर बस सेवा उपलब्ध थी। इनमें 13 अंतरराज्यीय रूट, राज्य व करीब 130 स्थानीय रूट शामिल हैं।-चंबा में निगम के बेड़े में कुल कितनी बसें हैं? एचआरटीसी चंबा के बेड़े में कुल 152 बसें हैं। इनमें 39 बसें जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन की हैं। चार लग्जरी बसें शामिल हैं। पिछले पांच से छह साल में बिजली चलित छोटी वैन के सिवाय निगम के बेड़े में कोई नई बस नहीं आई है।-कोरोना काल के दौरान कितना नुकसान झेलना पड़ा? वर्तमान में एचआरटीसी चंबा में कुल 493 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें 204 चालक व 184 परिचालकों के अलावा 100 से अधिक पीसमील व अन्य कर्मी विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।-जब एचआरटीसी पूर्ण क्षमता के साथ दौड़ रही थी तब एक माह में कितना प्रोफिट था? कोरोना महामारी से पहले चंबा एचआरटीसी की सभी गाड़ियां रूट पर दौड़ती थी तो एक माह में ढाई से करीब तीन करोड़ रुपये की इनकम थी। अगर दिन की बात करें तो आठ से दस लाख रुपये इनकम एचआरटीसी चंबा को होती थी।-चंबा में बिजली चलित बसों के चलने की कोई उम्मीद?
Source: Dainik Jagran June 27, 2021 15:22 UTC