अब्दुल शुभान ने बताया- हमारे पास रुपए नहीं थे, ट्रक ड्राइवर से कहा- यूपी तक छोड़ दो, किराए के बदले मोबाइल दूंगा - Dainik Bhaskar - News Summed Up

अब्दुल शुभान ने बताया- हमारे पास रुपए नहीं थे, ट्रक ड्राइवर से कहा- यूपी तक छोड़ दो, किराए के बदले मोबाइल दूंगा - Dainik Bhaskar


इंदौर के क्वारैंटाइन सेंटर से भागे थे चार जमाती, मुरैना में पकड़े गए, बोले- क्वारैंटाइन सेंटर से भागते समय पता नहीं था हम निगेटिव हैंड्राइवर प्रीतम सिंह, क्लीनर सहित 2 पॉजीटिव और 2 निगेटिव जमाती जिला अस्पताल में भर्ती, सुरक्षा के लिए फोर्स तैनातदैनिक भास्कर Apr 18, 2020, 12:20 PM ISTमुरैना/इंदौर. इंदौर के राजेंद्र नगर क्वारेंटाइन सेंटर से भागे जिन 4 जमातियों को मुरैना पुलिस ने गुरुवार की रात अल्लावेली चौकी से ट्रक (यूपी-81-एएफ-3488) के अंदर से पकड़ा। इससे पहले इन लोगों ने पुलिस को चकमा देने का भरसक प्रयास किया। पकड़े एक जमाती अब्दुल शुभान अंसारी ने फोन पर भास्कर को बताई अपने भागने की वजह।अब्दुल शुभान अंसारी के भागने की कहानी, उसी की जुबानी..."मैं गांव से 20 फरवरी को इंदौर पहुंचा था। जब कोरोना फैला तो मुझे क्वारैंटाइन कर दिया गया। इसी दौरान मेरे वालिद का रामपुर में इंतकाल हो गया। मुझे नहीं पता था कि मेरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। क्वारैंटाइन सेंटर से भागकर मैं इंदौर बायपास पर पहुंचा। यहां हमने ट्रक ड्राइवर से कहा कि यूपी तक छोड़ दो। चूंकि मेरी जेब में रुपए नहीं थे इसलिए मैने ड्राइवर से कहा कि किराए के एवज में तुम्हे मोबाइल दे दूंगा। इस पर वह तैयार हो गया। मुझे घर जाने की जल्दी थी इसलिए मैं यह गलती कर बैठा। शुभान ने बताया कि क्वारैंटाइन सेंटर से भागने के बाद हम लोग केले से भरे ट्रक की केबिन में तिरपाल के नीचे छिपकर इंदौर, देवास, मक्सी शाजापुर, ब्यावरा, गुना, शिवपुरी से सीधे ग्वालियर होते हुए मुरैना पहुंच गए। चूंकि ट्रक में कच्चा केला भरा था जिसे ड्राइवर बुरहानपुर से अमरोहा मंडी ले जा रहा था, इसलिए उसने गाड़ी कहीं नहीं रोकी। लेकिन मुरैना में आकर हम पकड़े गए।"इंदौर से भागे, मुरैना में पकड़े गएइंदौर के राजेंद्र नगर क्वारेंटाइन सेंटर से भागे 4 जमातियों को मुरैना पुलिस ने गुरुवार की रात पकड़ा। इन लोगों ने पुलिस को चकमा देने का भरसक प्रयास किया। पुलिस ने जब ट्रक को रोककर ड्राइवर प्रीतम सिंह से पूछा कि ट्रक के अंदर कोई सवारी तो नहीं है- ड्राइवर ने बताया एक सवारी बैठी है। पुलिस जवानों ने जब क्लीनर के नजदीक बैठे युवक से उसका नाम, पता व परिचय पत्र मांगा तो वह पुलिस को चकमा देने के लिए बोला-कि साहब हम तो सवारी हैं। पुलिस ने सख्ती की तो सवारी बनकर बैठे जमाती ने अपना नाम रहीश आलम बताया। चूंकि इंदौर पुलिस से पहले ही इनपुट के साथ चारों जमातियों के आधार कार्ड मुरैना एसपी डॉ. असित यादव पर आ गए थे, इसलिए आधार कार्ड क्रॉस चेक करने पर पता चला कि यही जमाती है। इसके बाद पुलिस ने रहीश से पूछा कि तुम्हारे और साथी कहां हैं तो वह ना-नुकुर करने लगा। इतने में ट्रक के ऊपर बनी केबिन में तिरपाल के नीचे छिपकर बैठे तीन अन्य जमातियों ने झांककर देखा। डीएसपी ओपी मिश्रा, ने ट्रक में बैठे जमातियों से कहा कि अपनी आईडी दिखाओ लेकिन 20 मिनट तक यह सभी आनाकानी करते रहे।डीएसपी ने कहा- अंजाम बुरा होगा, तब बताया परिचयइसके बाद डीएसपी मिश्रा ने सरायछौला थाने की कार में लगे माइक से जमातियों को चेतावनी दी कि-चुपचाप अपने आईडी दिखाओ, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। तब कहीं जाकर चारों जमातियों ने अपने आधार कार्ड ट्रक से नीचे फेंके। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने डंडे की मदद से सड़क पर गिरे चारों आईडी समेटकर टॉर्च की रोशनी में चेक किए तो चारों की पहचान हो गई।2 जमातियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव, फिर भी क्वारैंटाइन सेंटर से भागेइंदौर क्वारैंटाइन सेंटर से भागे जमाती रहीश आलम पुत्र नन्हे आलम, व अब्दुल सलाम पुत्र कलुआ निवासी मदेयान वदे, रामपुर यूपी की सैंपल रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी। वहीं दो अन्य जमाती अब्दुल शुभान अंसारी पुत्र मोहम्मद अली हसन वार्ड 6 पतो बिलाही, सिंधिया समस्तीपुर बिहार व तशवीर हुसैन पुत्र अमीर हुसैन, चमरौल, रामपुर यूपी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। लेकिन क्वारेंटाइन सेंटर से भागते वक्त दोनों को पता ही नहीं था कि हम निगेटिव हैं। फिलहाल पॉजीटिव रिपोर्ट वाले जमातियों को ड्राइवर-क्लीनर व निगेटिव रिपोर्ट वाले जमातियों से अलग वार्ड में रखा गया है। सभी सीसीटीवी कैमरों से निगरानी कर रहे हैं।


Source: Dainik Bhaskar April 18, 2020 06:44 UTC



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