'समाचार4मीडिया' की सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) द्वारा शुरू किए गए ‘Leading From The Front’ कॉलम की सीरीज के तहत आज हम उन तीन शख्सियतों पर प्रकाश डालेंगे, जिन्होंने आगे बढ़कर दैनिक जागरण का नेतृत्व किया है। महात्मा गांधी ने 1942 में जब ‘अंग्रेजो भारत छोड़ो’ आंदोलन की शुरुआत की थी, उसी वक्त झांसी से पूर्णचंद्र गुप्त (अब दिवंगत) ने राष्ट्रीयता बोध और भारतीय चेतना को मजबूती देने के लिए जागरण समूह का शुभारंभ किया। हिंदुत्व की विचारधारा के साथ करीब 80 साल पहले जो अखबार शुरू किया गया, आज वह देश में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले क्षेत्रीय समाचार पत्रों में से एक है, जिसका श्रेय मुख्य रूप से तीन लोगों महेंद्र मोहन गुप्त, संजय गुप्त और शैलेष गुप्त को जाता है, जो इस ब्रैंड को लगातार नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।वर्तमान में नौ भाषाओं में कंटेंट के साथ प्रिंट, डिजिटल, रेडियो, आउट ऑफ होम (OOH) और एक्टिवेशन में लीडरशिप के साथ ‘जागरण प्रकाशन’ देश के अग्रणी मीडिया और कम्युनिकेशंस ग्रुप्स में से एक है। 80 मिलियन से ज्यादा पाठकों के साथ जागरण देश के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूहों में से एक है और 15 राज्यों में पांच से अधिक भाषाओं में लगभग 12 प्रिंट प्रॉडक्ट्स के इसके लगभग 100 एडिशंस हैं।कंपनी के प्रिंट मीडिया ब्रैंड्स की बात करें तो इनमें दैनिक जागरण, आईनेक्स्ट, मिड-डे, नई दुनिया, मिड-डे गुजराती, इंकलाब और पंजाबी जागरण शामिल हैं। वहीं, कंपनी के डिजिटल मीडिया ब्रैंड्स् में Jagran New Media, Jagran.com, Jagranjosh.com, Jagran Post, Jagran Junction और Jeetle शामिल हैं। ‘जागरण पहल’ कंपनी की सामाजिक पहल है।वर्ष 2005 में लायंस क्लब इंटरनेशनल द्वारा ‘Ambassador of Goodwill’ से सम्मानित डॉ. महेंद्र मोहन गुप्त जागरण प्रकाशन लिमिटेड के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटोरियल डायरेक्टर हैं। शुरुआती दिनों में जागरण में वित्तीय कार्य संभालने और अखबार की छपाई की देखरेख करने तक, आपातकाल के दौरान जेल जाने से लेकर जागरण के लिए ऐतिहासिक एफडीआई समझौते पर हस्ताक्षर करने, जागरण समूह को जनता के बीच ले जाने और इसे भविष्य के लिए तैयार करने तक महेंद्र का नेतृत्व प्रेरणादायक रहा है और उन्होंने समूह के कामकाज के हर पहलू पर अपनी छाप छोड़ी है।वर्ष 2006 में राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने जा चुके महेंद्र मोहन गुप्त ने वर्षों तक मीडिया इंडस्ट्री की प्रमुख नीति-निर्धारण परिषदों (key policy-making councils) में अपनी जिम्मेदारी निभाई है। वह ‘ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशंस’ के मेंबर रह चुके हैं, ‘इंडियन लैंग्वेज न्यूजपेपर एसोसिएशन’ और ‘इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी’ के प्रेजिडेंट रह चुके हैं। इसके अलावा वह ‘यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया’ के चेयरमैन और ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ के चेयरमैन व डायरेक्टर रह चुके हैं। यही नहीं, वह ‘फिल्म सेंसर बोर्ड’ के मेंबर भी रह चुके हैं।इसके साथ ही वह मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर, रीजनल डायरेक्ट टैक्स एडवाइजरी कमेटी, कानपुर (वित्तीय मंत्रालय) के मेंबर, मल्टीपल काउंसिल लॉयन्स क्लब्स इंटरनेशनल के चेयरमैन, इंडियन एकैडमी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज मिर्जापुर के संरक्षक, यूपी वेटर्न्स क्रिकेट एसोसिएशन के संरक्षक और कानपुर रोटरी किड्नी फाउंंडेशन के संंरक्षक समेत तमाम प्रमुख भूमिकाएं निभा चुके हैं। हिंदी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए अखिल भारतीय राष्ट्रीय एकता सम्मेलन द्वारा ‘इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार’ से सम्मानित महेंद्र मोहन गुप्त विभिन्न जिलों में लायंस क्लब इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के रूप में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह समूह के धर्मार्थ ट्रस्ट, ‘श्री पूर्णचंद्र गुप्त स्मारक ट्रस्ट’ के तहत संचालित तमाम सामाजिक गतिविधियों के पीछे प्रेरक शक्ति रहे हैं।वहीं, 59 वर्षीय संजय गुप्त ने दैनिक जागरण ब्रैंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। वह दैनिक जागरण के एडिटर-इन-चीफ हैं। संजय गुप्त के नेतृत्व में दैनिक जागरण अपनी विश्वसनीयता, ईमानदारी और राष्ट्र निर्माण की विचारधारा के साथ वर्ष 2003 से देश का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला अखबार बना हुआ है। इस मीडिया कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, 75 से अधिक वर्षों से स्वतंत्रता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति की यह प्रतिष्ठित आवाज उत्कृष्टता के मानकों को स्थापित कर रही है, जिसने पाठकों और इंडस्ट्री को समान रूप से प्रेरित किया है। उनके नेतृत्व में इस अखबार ने ‘इंडियन रीडरशिप सर्वे’ (IRS) में लगातार तीन बार शीर्ष स्थान हासिल किया है। संजय गुप्त क्षेत्रीय भाषा के उपयोग के साथ-साथ अखबार में राज्य की भाषा को शामिल करने में विश्वास रखते हैं।एक बार उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि अखबार ‘हिंदुत्व/भारतीयता’ के सिद्धांत पर कायम है। उनका कहना था, ‘भारतीयता का हिंदी शब्द हिंदुत्व है और हम इसके लिए खड़े हैं और हमेशा इसके लिए लिखेंगे। इससे समाज की बहुत सारी भावनाएं जुड़ी हुई हैं और हम इसका सम्मान करते हैं। हम उन पार्टियों के खिलाफ हैं जो धर्म के आधार पर मतदाताओं को खुश करती हैं और जाति और पंथ के आधार पर समाज को विभाजित करती हैं। जागरण में हम इस बात को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं कि हम इन चीजों के समर्थन में नहीं लिखेंगे।’इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘तमाम अखबारों के विपरीत हम ऑब्जेक्टिव होने में विश्वास करते हैं और भारतीयता के पक्ष में खड़े हैं। हिंदुत्व में कुछ भी गलत नहीं है। मीडिया अक्सर हिंदुत्व की सही भावना को समझे बिना इसकी आलोचना करता नजर आता है। हिंदुत्व से समाज की बहुत सारी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। हम उस भावना का सम्मान करते हैं। यह हमारा विक्रय बिंदु (selling point) बना रहेगा।’संजय गुप्त ने साइंस में ग्रेजुएशन किया है। उन्हें प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री में करीब 40 साल का अनुभव है। वर्ष 2020 में उन्हें ‘प्रसार भारती’ के बोर्ड में पांच साल के लिए अंशकालिक सदस्य (part-time
Source: Dainik Jagran July 19, 2023 18:44 UTC