Hindi NewsLocalBiharUpendra Kushwaha; Who Will Be JDU Party News President After Nitish Kumar Close Aide RCP Singh Inducted In PM Modi Cabinetअब JDU सिर्फ लव-कुश की! : RCP के बाद उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो लव-कुश समीकरण तो सध जाएगा, लेकिन बाकी समीकरण ध्वस्त हाे जाएंगेपटना 7 घंटे पहलेकॉपी लिंकRCP सिंह और उपेंद्र कुशवाहा।जनता दल यूनाईटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष RCP सिंह के केंद्र में मंत्री बन जाने के बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चर्चाओं के दौर में सबसे ऊपर पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा का नाम चल रहा है, लेकिन कुशवाहा अगर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक कई बदलाव करने पड़ सकते हैं।वहीं, इनके अध्यक्ष बनते ही सोशल इंजीनियरिंग के लिए मशहूर नीतीश कुमार का पूरा समीकरण ध्वस्त होता दिख रहा है। अपने ही समाज से आने वाले RCP सिंह को नीतीश कुमार ने पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया, फिर उन्हें केंद्र में मंत्री भी बना दिया। जबकि, RCP सिंह से सीनियर नेता अपनी बारी के इंतजार में रह गए।लव-कुश तक ही सिमटी नीतीश की सोशल इंजीनियरिंगअब जरा JDU में सरकार से लेकर संगठन तक पर नजर डालें तो सरकार के मुखिया नीतीश कुमार कुर्मी समाज से आते हैं। CM नीतीश कुमार का गृह जिला नालंदा है। वहीं, अभी केंद्रीय मंत्री बने और JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष RCP सिंह भी कुर्मी समाज से आते हैं और इनका भी गृह जिला नालंदा ही है।एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा।नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौर में चल रहे उपेंद्र कुशवाहा कोइरी समाज से आते हैं। उपेंद्र कुशवाहा को नीतीश कुमार ने पहले ही JDU संसदीय बोर्ड का चेयरमैन बना दिया है। अब प्रदेश JDU की बात करें तो उमेश कुशवाहा को जनवरी में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, ये भी कोइरी समाज से आते हैं। यानी, कुल मिलाकर JDU में लव-कुश को ही प्रमुख पदों पर बैठाया गया है। ऐसे में जिस सोशल इंजीनियरिंग के लिए नीतीश कुमार जाने जाते थे, वो सिर्फ लव-कुश तक ही सिमट कर रह गया है।उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो पार्टी में पनपेगा असंतोषएक पत्रकार बताते हैं कि CM नीतीश कुमार सोशल इंजीनियरिंग के जोड़-तोड़ में माहिर हैं। इनको पता है कि किसको कहां और कैसे सेट करना है। यदि, उपेंद्र कुशवाहा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो फिर JDU में पहले उमेश कुशवाहा प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनको पद छोड़ना होगा। दोनों एक ही समाज से आते हैं। ऐसे में दोनों में से एक को चुनना होगा। संभवत: इस पूरे प्रकरण में उमेश कुशवाहा की बलि ली जा सकती है।यदि, प्रदेश स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए उपेंद्र कुशवाहा की जगह कोई और नाम तय किया सकता है। रवि उपाध्याय बताते हैं कि वैसे भी उपेंद्र को पार्टी में आए तीन महीने ही हुए है। उपेंद्र के पार्टी में आते ही उन्हें JDU संसदीय बोर्ड का चेयरमैन बना दिया गया, तीन दिन बाद उन्हें MLC बना दिया गया। यदि अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो JDU के अंदर असंतोष हो जाएगा।राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए अगड़ी जाति के नेता की तलाशJDU सूत्रों के मुताबिक, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए किसी अगड़ी जाति के नेता की तलाश को रही है। इसमें ललन सिंह, विजय चौधरी, संजय झा हो सकते हैं। इन तीनों में से विजय चौधरी और संजय झा बिहार सरकार में मंत्री हैं। ललन सिंह सांसद हैं, चार दशकों से नीतीश कुमार के साथ राजनीति करते रहे हैं।इससे पहले भी ललन सिंह प्रदेश में अध्यक्ष रह चुके हैं। ललन सिंह के पास संगठन चलाने का लम्बा अनुभव भी है। ऐसे में नीतीश कुमार चाहेंगे कि ललन सिंह को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दें तो उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
Source: Dainik Bhaskar July 08, 2021 12:41 UTC