जो मीडिया की टीमें दिन और रात वहां पर फ़रमानी की गरीबी की कहानी बताया करती थीं, एक बार भी उन्होंने यह तक नहीं पता लगाने का प्रयास किया कि फ़रमानी के परिवार के लोग क्या करते हैं? और इतना ही नहीं, फ़रमानी नाज को भाजपा के लिए भी गाने गाते देखा गया! आज अचानक से ही फरमानी नाज ट्रेंडिंग में क्यों हैं? क्या कभी जीतू शर्मा की कहानी को उसी प्रकार दिखाएगा जैसे उसने फ़रमानी नाज की कहानी को दिखाया? इस विवाद के आरम्भ होने के पहले दिन से ही हमने यही कहा था कि “हर-हर शम्भु” की पहचान अभिलिप्सा पंडा और जीतू शर्मा है, फ़रमानी नाज नहीं!
Source: Dainik Jagran November 08, 2022 22:11 UTC