जिन मां-बाप ने 13 साल तक उसकी जिंदगी के लिए दिन-रात जद्दोजहद की, वही 13 दिनों तक हर पल उखड़ती सांसों के बीच उसकी मौत का इंतजार करते रहे. Harish Rana Motherहरीश राणा के छोटे भाई क्या करते हैंआशीष राणा हरीश राणा के छोटे भाई हैं. बेटे की मौत पर कानूनी मुहर के बाद वो 13 दिनों तक खुद को इस बात के लिए तैयार करने के लिए जूझते रहे. अब उन्हीं मशीनों को हटते देखना मां-बाप के लिए ऐसा अनुभव था कि जैसे वो अपनी ही नसों को काट रहे हों. एक बाप के लिए सबसे भारी बोझ उसके बेटे का कंधा नहीं, बल्कि उसके बेटे की अर्थी का बोझ होता है... इसका अहसास सिर्फ और सिर्फ अशोक राणा को हो रहा होगा.
Source: NDTV March 25, 2026 08:53 UTC