इस राज्य में रसूखदार कैदी जेल जाने के बजाए ट्रीटमेंट की आड़ में अस्पताल में फरमा रहे आराम - News Summed Up

इस राज्य में रसूखदार कैदी जेल जाने के बजाए ट्रीटमेंट की आड़ में अस्पताल में फरमा रहे आराम


मध्यप्रदेश के रीवा जिले में न्यायालय द्वारा आपराधिक मामलों में जेल भेजे जाने वाले रसूखदार लोग जेल जाने के बजाए ट्रीटमेंट की आड़ में अस्पताल में आराम फरमा रहे हैं। जिसके चलते व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि शहर के सबसे बड़े शासकीय टीआरएस कालेज के तीन पूर्व प्राचार्यों को भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पिछले दिनों कोर्ट ने जेल भेजा था। जेल भेजने से पूर्व बाकायदे इनका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया था उसके बाद जेल भेजा गया था। मेडिकल परीक्षण में ये पूरी तरह से फिट पाये गए थे। लेकिन जेल पहुंचने के दूसरे दिन ही इनकी ओर से सेहत खराब होने का हवाला दिया गया, जिसके चलते इन्हें इलाज के लिए से संजयगांधी अस्पताल रेफर किया गया है। शुरुआत पहले सत्येन्द्र शर्मा हुई, इनके जाते ही रामलला शुक्ला के भी मिजजा गड़बड़ा गए और वो भी अस्पताल की आरामगाह में पहुंच गए हैं। ये सभी आरोपी शहर के रसूखदार हैं। इसलिए अस्पताल में भी उन्हें विशेष सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इनकी सच्चाई उजागर न हो इसलिए जहां इन्हें भर्ती किया गया है वहां मीडिया का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। दो पूर्व प्राचार्यों के पहुंचने के बाद अब तीसरे समीउल्ला खान भी बीमार होने की तैयारी में हैं, वह भी जमानत मिलने तक अपने दो साथियों के साथ अस्पताल में ही समय गुजारें।सतना से आए भाजपा नेता के भाईसतना के प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले के आरोपी बलवेन्द्र सिंह नाम के व्यक्ति को सतना से संजयगांधी अस्पताल रीवा लाया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन स्ट्रोक की समस्या है, ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ है। जबकि संबंधित व्यक्ति को अस्पताल के विशेष वार्ड में आराम करते हुए देखा गया है।लंबे समय से चल रहा ये खेलयह खेल कोई आज का नहीं है, यह खेल लंबे समय से चल रहा है। जब भी न्यायिक अभिरक्षा में किसी रसूखदार को जेल भेजा जाता है तो उसकी तबीयत जेल पहुंचते ही खराब हो जाती है। जेल पहुंचते ही तबियत खराब होने का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई प्रभावशाली लोगों के लिए नियमों को थेंगा दिखाते हुए कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती होकर समय काटते रहे हैं। बता दें कि पूर्व में अस्पताल भर्ती हुआ एक कैदी भाग भी गया था। जिसके बाद से अबकैदियों के लिए अलग से वार्ड बना दिया गया है।


Source: Dainik Bhaskar November 04, 2022 05:23 UTC



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