अंजारिया की पीठ ने 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. और पढ़ेंदिल्ली पुलिस ने आरोपियों की रिहाई का विरोध करते हुए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के प्रावधानों का हवाला दिया है. Advertisementपुलिस का ‘रिजीम-चेंज ऑपरेशन’ का दावाआरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने बार-बार कहा है कि दिल्ली में हुए दंगे एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थे. करीब 900 गवाहों के कारण ट्रायल में वर्षों लगने की दलील को पुलिस ने 'जमानत पाने के लिए गढ़ा गया भ्रम' बताया. आरोप है कि उन्होंने सीलमपुर सहित कई स्थानों पर गुप्त बैठकें बुलाईं, जहां प्रतिभागियों को स्थानीय महिलाओं को जुटाने और चाकू, पत्थर, एसिड की बोतलें जमा करने के निर्देश दिए गए.
Source: NDTV January 05, 2026 14:53 UTC