कारगिल युद्ध में इंडियन एयरफोर्स ने भी दुश्मन को मात देने में अहम भूमिका निभाई थी। तब मई महीने में अचानक एक दिन एयरफोर्स की 9-स्क्वॉड्रन के एक प्रैक्टिस मिशन को रोककर उन्हें श्रीनगर जाने को कहा गया। जिससे बाद एयरफोर्स चीफ बिना रैंक पहने यंग फाइटर पायलट से ब्रीफिंग लेने पहुंचे। एयरफोर्स चीफ ने क्या ब्रीफिंग ली और कैसे बनी युद्ध में इंडियन आर्मी को सपोर्ट करने की योजना। इस बारे में बात की गई एयरफोर्स से रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अनुपम बैनर्जी से। ग्रुप कैप्टन बैनर्जी कारगिल युद्ध के वक्त एयरफोर्स में यंग फ्लाइट लेफ्टिनेंट थे और फाइटर जेट मिग-27 के पायलट थे।पूनम पाण्डे पूनम पाण्डे
Source: Navbharat Times July 25, 2021 19:00 UTC