केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयकर और अप्रत्यक्ष कर के लिए लोकप्रहरी (ओम्बुड्समन) की संस्थाओं को समाप्त करने की मंजूरी दे दी है, क्योंकि वैकल्पिक व्यवस्थाओं के बाद इनके पास शिकायतों का आना बिल्कुल कम हो गया था. इसकी वजह यह है कि लोग अब ऑनलाइन शिकायत निपटान प्रणाली को तरजीह दे रहे हैं. आयकर लोकप्रहरी संस्थान की स्थापना 2003 में जनता की आयकर से संबंधित शिकायतों के निपटारे के उद्देश्य से की गई थी. बयान में कहा गया है कि आयकर लोकप्रहरी तथा अप्रत्यक्ष कर लोकप्रहरी दोनों को समाप्त किया जा रहा है. बयान में कहा गया है कि करदाता अब वैकल्पिक शिकायत निपटान प्रणाली की ओर रुख कर रहे हैं.
Source: NDTV February 06, 2019 21:45 UTC