कैसे घड़ियाल मां संग खेल रहे बच्चे, VIDEO में देखें: बच्चों को पीठ पर बैठाकर अठखेलियां रही मां, यहां करीब 4000 शिशु मगरमच्छ पल रहे - News Summed Up

कैसे घड़ियाल मां संग खेल रहे बच्चे, VIDEO में देखें: बच्चों को पीठ पर बैठाकर अठखेलियां रही मां, यहां करीब 4000 शिशु मगरमच्छ पल रहे


Hindi NewsLocalRajasthanJaipurKarauliCrocodile Mother Is Making Children Sit On Their Backs Karaili Divya Ghat, Rajasthan Latest News Updateकैसे घड़ियाल मां संग खेल रहे बच्चे, VIDEO में देखें: बच्चों को पीठ पर बैठाकर अठखेलियां रही मां, यहां करीब 4000 शिशु मगरमच्छ पल रहे15 दिन पहले अंडों से निकले हैं बच्चे।आपने घड़ियालों को दूर से देखा होगा और उनसे खौफ की कई कहानियां भी सुनी होंगी, लेकिन क्या आपने जन्म लेने के बाद हजारों शिशु घड़ियाल और व उनकी मां के प्यार को नजदीकी से देखा है। यह नजारा करौली से करीब 60 किमी दूर राजस्थान व मध्यप्रदेश की सीमा से गुजरने बाली चंबल नदी के किनारे दिव्य घाट पर इन दिनों आसानी से देखा जा सकता है। हजारों की तादात में घड़ियाल के बच्चो की अठखेलियां यहां दिनभर नजर आ रही है।राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी के अफसरों के अनुसार बूंदी के केशोरायपाटन से लेकर धौलपुर तक लगभग 400 किमी क्षेत्र मे फैली चंबल नदी मे करीब 15 हजार शिशु घडिय़ालों का जन्म हुआ है। जबकि अकेले करौली क्षेत्र से गुजर रही चंबल में सबसे अधिक प्रजनन हुआ है। यहां के दिव्य घाट पर करीब 4000 शिशु घड़ियाल पल रहे हैं। दरअसल, चंबल में दोनों राज्यों की सीमाओं में 70 मादा घड़ियालों ने 4000 अंडे दिए थे। इनमें राजस्थान सीमा में 10 प्रजनन स्थल केन्द्र हैं। वहीं, एमपी सीमा में 26 प्रजनन स्थल केन्द्र हैं।नदी किनारे बैठे नन्हे घड़ियाल।घड़ियाल के नाम से पहचाना जाता है जिला2015 में जिला स्तरीय वन्यजीव एवं पशु पक्षी के रुप में घड़ियाल सहित हॉर्नबिल व रेडवेटेड बुलबुल के नाम से प्रस्ताव भेजे थे। इसमें सरकार ने अक्टूबर 2015 में वन्यजीव एवं पशु पक्षी के रूप में घड़ियाल के नाम से पहचान की स्वीकृति दे दी थी, तभी से जिले को राज्य में घड़ियाल मुख्य केंद्र के रूप में जाना जाता है। महाराजपुरा से लेकर घूसई चंबल तक 12 प्रजनन केन्द्र है।यहां के दिव्य घाट पर करीब 4000 शिशु घड़ियाल पल रहे हैं।पांच रेंजों में हुए प्रजनन में करौली सबसे बड़ाइटावा, धौलपुर, केसोरायपाटन, पालीघाट, मंडरायल सहित पांच रेंज बनी हुई है। इससे सबसे ज्यादा घड़ियाल धौलपुर व करौली में हैं।कैसे जन्मे घड़ियाल और कछुए, देखें इन VIDEO में:सैकड़ों की तादाद में अंडों से आहर आ रहे घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुए; पहली बार सामने आएरिपोर्ट- मुकेश गुप्ता, करौली


Source: Dainik Bhaskar June 06, 2021 06:38 UTC



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