मरीजों की घबराहट डॉक्टरों को पीपीई परिधानों में देखकर और भर्ती की जटिल प्रक्रिया से बढ़ती जाती थीकई घटनाएं शायद ही भूली जाएं जैसे मूक-बधिर गर्भवती महिला जिसको खांसी-जुकाम हैदैनिक भास्कर Apr 17, 2020, 07:31 AM ISTजोधपुर. एमडीएमएच कोरोना ओपीडी में एक डॉक्टर की 5वीं सुबह... तैयार होते समय मन विचलित है कि न जाने आज कितने मरीज आएंगे? कौन-कौन से नए वार्ड खोलने पड़ेंगे? नई गाइडलाइन क्या आएगी? एक ही संतुष्टि है कि इस विश्व के स्वास्थ्य के उद्देश्य से किए जा रहे हवन में हमारी भी एक छोटी सी आहुति समर्पित है। ‘सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतू निरामया’ का सही अर्थ आज पता चल रहा है।
Source: Dainik Bhaskar April 17, 2020 02:03 UTC