कोरोना ने छीने स्कूल खिलाड़ियों के हाथ से मैडल: नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में सलेक्शन, लेकिन भागीदारी के मौके से चूके, 12वीं के बच्चों को थी मेडल की उम्मीद - News Summed Up

कोरोना ने छीने स्कूल खिलाड़ियों के हाथ से मैडल: नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में सलेक्शन, लेकिन भागीदारी के मौके से चूके, 12वीं के बच्चों को थी मेडल की उम्मीद


Hindi NewsLocalRajasthanSriganganagarSelection For School National But Competition Could Not Be Done, Now Next Year Will Not Get A Chance In CollegeAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपकोरोना ने छीने स्कूल खिलाड़ियों के हाथ से मैडल: नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में सलेक्शन, लेकिन भागीदारी के मौके से चूके, 12वीं के बच्चों को थी मेडल की उम्मीदश्रीगंगानगर 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकश्रीगंगानगर में एथलेटिक्स ट्रेक पर अभ्यास करते खिलाड़ी । ( फाइल फोटो )कोरोना ने स्कूल खिलाड़ियों से भी हाथ में आए मौके भी छीन लिए हैं। स्कूल लेवल पर नेशनल चैंपियनशिप के लिए चयनित स्टूडेंट्स अब मेडल की उम्मीद छोड़ने पर मजबूर हैं। लॉकडाउन के बाद अब जब भी नेशनल होंगे, तब तक इनमें से बहुत से स्टूडेंट्स स्कूल छोड़ चुके होंगे। 12वीं कक्षा के बाद अब उन्हें कॉलेज मे वैसा मौका नहींं मिल सकेगा। ऐसे स्कूली खिलाड़ी इस बात से भी दुखी हैं कि उनका अभ्यास भी अब नियमित नहीं हो पा रहा है। अन्य चैंपियनशिप्स के लिए भी उन्हें अब फिट होने में वक्त लगेगा।स्कूल लेवल के कुछ खिलाड़ी ऐसे भी है जो मार्च 2020 में लॉकडाउन की शुरुआत के समय स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में चयनित हो चुके थे, परिवार और कोच को उम्मीद भी थी कि वे मैडल लेकर आएंगे लेकिन उसके बाद प्रतियोगिता हुई ही नहीं और उनका सपना अधूरा रह गया।बेटी ला सकती थी मैडलऐसी ही गांव धर्मसिंहवाला की एक खो-खो खिलाड़ी रचना के पिता भूपसिंह बताते हैं कि उनकी बेटी अभी 12वीं में पढ़ रही है। उसका गत वर्ष स्कूल नेशनल के लिए चयन हुआ, लेकिन प्रतियोगिता नहीं होने से वह इसमें भाग ही नहीं ले पाई। अब जब तक अगली खेल प्रतियोगिता होगी, वह कॉलेज में चली जाएगी।जिला खो-खो संघ के पूर्व सचिव और संरक्षक राजाराम ढाका बताते हैं कि अकेली रचना ही नहीं गांव तीन एमएल की अलका की भी ऐसी ही स्थिति रही थी। दोनों खिलाडिय़ों का चयन स्कूल नेशनल के लिए हो चुका था। श्रीगंगानगर के ही गांव 15 एसपीएम में प्रतियोगिता से पूर्व का ट्रेनिंग कैंप लगना था लेकिन कोरोना के कारण यह कैंप नहीं लग पाया और दोनों खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिता से ही वंचित रह गई।खिलाडिय़ों को हुआ नुकसानजिला वॉलीबॉल संघ के सचिव राजकुमार बिश्रोई बताते हैं कि कोरोना काल में खिलाडिय़ों को नुकसान तो हुआ है। जिले में बहुत से ऐसे खिलाड़ी हैं जो विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित हुए तथा जिन्हें मैडल की उम्मीद भी थी लेकिन वे कोरोना के कारण प्रतियोगिता में शामिल ही नहीं हो पाए।


Source: Dainik Bhaskar May 26, 2021 07:07 UTC



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