बीजिंग के स्टेट की लैबोरेट्री ऑफ स्टेम सेल एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी के विज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिलीमानव प्रत्यारोपण के लिए अंगों पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने 10 भ्रूण पैदा किए पर दो ही पिगलेट ही विकसित हुएDainik Bhaskar Dec 08, 2019, 11:19 AM ISTबीजिंग. हर साल दुनियाभर में 20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत प्रत्यारोपण के लिए अंगों के उपलब्ध न होने के चलते हो जाती है। चीन के विज्ञानियों ने इस दिशा में एक खास उपलब्धि हासिल की है। न्यू साइंटिस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के वैज्ञानिकों ने सूअर के भ्रूण में बंदर की कोशिकाओं को इंजेक्ट करके 'काइमेरा' पिगलेट (आईवीएफ तकनीक से बना शिशु सुअर) पैदा करने में सफलता पा ली है जिसके शरीर के तमाम अंगों में बंदर की कोशिकाएं हैं।विज्ञान की भाषा में ऐसे प्राणी को काइमेरा कहते हैं जिसके शरीर में एक से ज्यादा प्रजातियों की जीवित कोशिकाएं मौजूद हों। हालांकि शिशु सुअर के विभिन्न अंग के ऊतकों (टिश्यूज) में बंदर का अंश 1 से 10 हजार कोशिकाओं में से सिर्फ एक कोशिका है।4000 सूअर भ्रूणों पर प्रयोग किएबीजिंग के स्टेट की लैबोरेट्री ऑफ स्टेम सेल एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी के विज्ञानियों को मानव प्रत्यारोपण के लिए अंगों को जानवरों में विकसित करने के उद्देश्य से किए जा रहे शोध के दौरान यह सफलता मिली है। चीनी शोध टीम के प्रमुख तेंग हे ने बताया कि हमने बंदर की कोशिकाओं से एक फ्लोरोसेंट प्रोटीन विकसित किया जिसे उन्होंने सूअर के भ्रूण में इंजेक्ट कर दिया। इस प्रयोग के लिए 4000 सूअर भ्रूणों का इस्तेमाल किया गया था।
Source: Dainik Bhaskar December 08, 2019 04:41 UTC