आजकल पूरे देश में सिनेमा प्रेमियों के बीच एक ही फिल्म की चर्चा है और वह है धुरंधर।- रूमी जाफरी बॉलीवुड फिल्मों के लेखक और निर्देशकउससे भी ज्यादा चर्चा इस बात की है कि फिल्म की लंबाई 3 घंटे 34 मिनट है, जबकि आज के दौर में लोगों के पास दो घंटे की फिल्म देखने का भी धैर्य नहीं बचा है।फिल्म बिजनेस में डिस्ट्रीब्यूटर और एग्जीबिटर का दबाव रहता है कि फिल्म छोटी हो, वरना शो कम हो जाते हैं। इन सबके बावजूद फिल्म 3 घंटे 34 मिनट की बनी, रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इससे एक बात साफ हो जाती है कि फिल्म की लंबाई से फर्क नहीं पड़ता। फिल्म छोटी हो या बड़ी, अगर फिल्म अच्छी है तो दर्शक उसे जरूर देखेंगे। इतनी लंबी फिल्म रिलीज करने का श्रेय सिर्फ निर्देशक को जाता है।खैर, आज मैं आपको उस हिंदी फिल्म के बारे में बताने जा रहा हूं जो जब बनकर तैयार हुई तो उसकी लंबाई करीब चार घंटे की थी। सभी ने निर्देशक को समझाया कि चार घंटे तक लोग थिएटर में नहीं बैठ पाएंगे, लंबाई कम कर लीजिए, लेकिन वे भी क्रिएटिव जिद्दी थे। उन्होंने दो इंटरवल के साथ फिल्म रिलीज की, लेकिन फिल्म की लंबाई कम करने को तैयार नहीं हुए। वह फिल्म भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। वो निर्देशक थे राज कपूर और फिल्म थी 'संगम'।
Source: Dainik Bhaskar January 25, 2026 06:59 UTC