'मैं हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन मास्क पहने हुए नहीं मरना चाहता, बल्कि नेचुरल डेथ चाहता हूं, अपनों के साथ रहते हुए।- हिन्दवी से खास ध्रुव हर्ष, नई पीढ़ी के लेखक, कवि एवं फिल्मकारहॉस्पिटल में मरने से पहले जो थोड़ी-सी जीने की ख्वाहिश बची है, वह भी मर जाती है। इसलिए मैं मरने से पहले नहीं मरना चाहता। ' कुछ अरसा पहले आई फिल्म 'माय ऑक्सफोर्ड ईयर' का किरदार जेमी डेवनपोर्ट इस फिलॉसफी के साथ जीता है।वह प्रॉक्सी प्रोफेसर है, जो ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में विक्टोरियन पोएट्री पढ़ाता है।फ्रांस के मशहूर फिल्मकार ज्यां लुक गोदार्द ने अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर स्विट्जरलैंड में इच्छा मृत्यु ली थी। उन्होंने कहा था, 'मैं पूरे होशो-हवास में दुनिया से विदा लेना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता कि मेरी सांसों और धड़कनों को कृत्रिम यंत्र के सहारे की जरूरत पड़े और सांस लेने के लिए मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाना पड़े।'
Source: Dainik Bhaskar January 25, 2026 06:59 UTC