भारत के लिए, पानी के मूल्य निर्धारण के मामले में सही संतुलन बनाना यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि ऐसी नीतियों से निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर बोझ न पड़े और पानी के वास्तविक मूल्य को प्रतिबिंबित करे और बर्बादी को हतोत्साहित करे. जल प्रवाह, दबाव को समायोजित करने के लिए स्मार्ट मीटरिंग का उपयोग कर पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है और पाइपों में रिसाव को कम किया जा सकता है. हमें फ़ौरन ऐसी नीतियां बनाने की ज़रुरत है जिससे जल असमानता का समाधान हो और अधिक कुशलता जल प्रबंध के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो. जल भागीरथी फाउंडेशन, देश के थार मरुस्थल के इलाकों में सबसे कमजोर तबकों और जल संकट से जूझ रहे समुदायों के बीच में उल्लेखनीय काम कर रहा है, ताकि पारंपरिक जल संग्रहण संरचनाओं को पुनर्जीवित कर और हर तरह से लैंगिक समानता लाने से जुड़ी परियोजनाओं, वॉश, गरीबी में कमी के ज़रिये इस क्षेत्र में पेयजल के भारी संकट और नाज़ुक जल पारिस्थितिकी तंत्र की समस्या का समाधान किया जा सके . अब समय आ गया है कि हम हर बूंद को महत्व दें - अपने लिए, अपने लोगों के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए.
Source: Dainik Jagran August 18, 2023 17:37 UTC