जस्टिस यशवंत वर्मा को इस्तीफे के बाद भी मिलती रहेगी पेंशन, क्या कहता है कानून? - News Summed Up

जस्टिस यशवंत वर्मा को इस्तीफे के बाद भी मिलती रहेगी पेंशन, क्या कहता है कानून?


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को भेज दिया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद भी उन्हें सरकारी सुविधाएं और पेंशन मिलती रहेंगी? आइए जानते हैं क्या कहता है कानून और किन-किन कंडीशन में रोकी जा सकती हैं पेंशन? जस्टिस वर्मा होंगे पेंशन के हकदार कानून के जानकारों का कहना है कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद, जस्टिस वर्मा पेंशन और उन सभी सुविधाओं के हकदार होंगे, जो एक हाई कोर्ट जज को रिटायरमेंट के बाद मिलती हैं। अगर उन्हें संसद द्वारा पद से हटाया जाता या फिर वो किसी मामले में दोषी ठहराए जाते तो वह इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते।क्या कहता है कानून? हाई कोर्ट जजेस (वेतन और सेवा शर्तें) अधिनियम, 1954 के तहत हाई कोर्ट के किसी जज का इस्तीफा 'रिटायरमेंट' ही माना जाता है। इसलिए जिस जज ने सेवा से इस्तीफा दिया है, वह भी पेंशन से जुड़ी उन्हीं सुविधाओं का हकदार होगा, जिनका हकदार वह जज होता है जो अपनी सेवा पूरी करके रिटायर होता है।10 अप्रैल को इस्तीफा क्यों? 14 मार्च, 2025 को दिल्ली में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद से ही जज सवालों के घेरे में थे। उस समय, वे दिल्ली हाई कोर्ट में जज के तौर पर तैनात थे। आरोप है कि यह नकदी नौकरों के क्वार्टर के पास बने एक स्टोररूम में मिली थी। जज ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने या उनके परिवार के किसी सदस्य ने कभी वहां नकदी रखी थी।


Source: Dainik Jagran April 10, 2026 14:25 UTC



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