Hindi NewsLocalBiharTika Express Fail To Achhive Vaccination Target; Bihar Tika Express Latest Newsटीका एक्सप्रेस की रफ्तार पर सवाल: 35 दिन में टीका एक्सप्रेस को था 2.80 लाख वैक्सीनेशन टारगेट, पूरी ताकत के बाद 10 हजार भी पार नहीं किया आंकड़ापटना 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकटीका एक्सप्रेस।टीका एक्सप्रेस की रफ्तार पर सवाल खड़ा हो गया है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने 3 जून को जोश के साथ हरी झंडी दिखाकर 121 वाहनों को रवाना किया था। एक दिन में एक वाहन से 200 वैक्सीनेशन की बड़ी उम्मीद थी जो अब टूट रही है। पटना में 35 दिनों से दौड़ लगा रही टीका एक्सप्रेस की रफ्तार मालगाड़ी से भी सुस्त पड़ गई है। अब तक 10 हजार का आंकड़ा भी नहीं पार हो गया है जबकि 35 दिनों में 2.80 लाख वैक्सीनेशन हो जाना चाहिए था। शहरी वार्डों में वैक्सीनेशन का आंकड़ा टीका एक्सप्रेस की रफ्तार से लगाया जा सकता है। इसी रफ्तार पर पटना की मेयर सीता साहू को सम्मानित किया गया है।सवालों में एक्सप्रेस की रफ्तारबिहार में 121 गाड़ी को टीका एक्सप्रेस बनाया गया है। इसमें 40 गाड़ी पटना में दौड़ रही है। इन गाड़ियों से शहर के वार्डों में टीकाकरण किया जाना है। इन्हीं गाड़ियों की रफ्तार से ही 6 माह में 6 करोड़ वैक्सीनेशन का लक्ष्य भी पूरा करना है। पटना में 40 गाड़ी है और एक गाड़ी को एक दिन में 200 वैक्सीनेशन का लक्ष्य है। ऐसे में एक दिन में 40 गाड़ी को 8000 वैक्सीनेशन का लक्ष्य हो गया। गाड़ियां 3 जून से ही पटना के अलग अलग शहरी वार्डों में दौड़ रही हैं।इस 35 दिनों में लक्ष्य के हिसाब से 2.80 लाख लोगों का टीकाकरण अब तक पटना में हो जाना चाहिए था, लेकिन 40 टीका एक्सप्रेस अब तक 35 दिनों में 6429 लोगों का वैक्सीनेशन कर पाई हैं। इसमें पहला डोज लेने वालों की संख्या 5539 और दूसरा डोज लेने वालों की संख्या मात्र 890 है। टीका एक्सप्रेस की रफ्तार ऐसे सुस्त रही तो लक्ष्य कैसे पूरा होगा।वार्डों में टीकाकरण सुस्त, मेयर को सम्मान? नगर निगम प्रशासन टीकाकरण के सुस्त रफ्तार के बाद भी वार्डों में टीकाकरण की रफ्तार को तेज बता वाहवाही लूट रहा है। बताया जा रहा है कि कोरोना को हराने के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान में अजीमाबाद स्थित वार्ड संख्या 58 सबसे आगे है। दावा किया जा रहा है कि यहां रहने वाले अधिकांश लोगों ने टीकाकरण करवा लिया है। वार्ड संख्या-58 ने वैक्सिनेशन के अधिकांश आकड़ों को पार कर लिया है, जिसमें जनप्रतिनिधी, पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की भूमिका आगे रही है। इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने महापौर, पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी, सिटी मैनेजर सहित अन्य कई लोगों का सम्मान किया है।शहरी वार्ड में टीकाकरण के लिए सम्मान तो क्यों कम हुई रफ्तार? अगर शहरी वार्ड में टीका के लिए मेयर सम्मानित की जा रही हैं तो टीका एक्सप्रेस की रफ्तार क्यों कम है। टीका एक्सप्रेस का लक्ष्य क्यों नहीं पूरा हो रहा है। शहरी वार्डों के पार्षदों का कहना है कि वार्ड के लोग परेशान हैं क्योंकि हर दिन गाड़ी नहीं आ रही है। गाड़ी आती भी है तो वैक्सीन की पूरी उपलब्धता नहीं होती है। इस कारण से टीकाकरण की रफ्तार प्रभावित हो रही है। कई वार्ड पार्षदों का तो यहां तक कहना है कि टीका एक्सप्रेस से मात्र खानापूर्ति की जा रही है।वार्ड में टीका एक्सप्रेस आने के बाद भी लोगों को दूसरे क्षेत्रों में जाकर वैक्सीनेशन करना पड़ रहा है। ऐसे में टीका एक्सप्रेस का क्या काम है। जब सरकार की मंशा ही नहीं पूरी हो रही है। वार्ड में नियमित तरीके से गाड़ी आए और वैक्सीन का पूरा स्टाक हो तभी यह अभियान संभव हो पाएगा।
Source: Dainik Bhaskar July 09, 2021 03:00 UTC