Hindi NewsNationalTwitter Vs Indian Government New IT Rules; Delhi High Court On Micro Blogging Site Protectionट्विटर को कोर्ट की चेतावनी: आपको सुरक्षा नहीं दे सकते, अगली तारीख तक जवाब के साथ तैयार रहें, वरना मुश्किल में पड़ जाएंगेनई दिल्ली 5 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोनए IT कानून लागू लागू न करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को ट्विटर को चेतावनी दी है। अदालत ने कहा कि अगर आप कानून नहीं लागू करते हैं तो हम आपको किसी तरह की सुरक्षा नहीं दे सकते। जस्टिस रेखा पिल्लई ने कहा कि आप साफ जवाब के साथ आइए, वरना मुश्किल में पड़ जाएंगे।हाईकोर्ट ने कहा- आपको नियम लागू करने होंगेजस्टिस पिल्लई ने कहा कि मैं किसी तरह की सुरक्षा नहीं दे सकती हूं। पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी हूं कि आपको नियम लागू करने ही होंगे। ट्विटर के वकील ने और वक्त मांगा है, क्योंकि उन्हें किसी तरह के निर्देश कंपनी की ओर से नहीं मिले हैं।उन्होंने कहा, 'आपको 8 जुलाई तक का वक्त दिया जाता है। उम्मीद करते हैं कि आप अगली तारीख तक नियम लागू करने को लेकर जानकारी के साथ तैयार रहेंगे। अगर ट्विटर को लगता है कि वो हमारे देश में जितना चाहे टाइम ले सकती है तो मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगी। केंद्र ने कहा है कि ट्विटर ने साफतौर पर IT नियमों का उल्लंघन किया है।'केंद्र ने कोर्ट से कहा- ट्विटर और वक्त मांग रहा हैकेंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि ट्विटर को 3 महीने का वक्त दिया गया था। इस दौरान उन्हें कानून लागू करने थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। आप भारत में व्यापार करने आएं, आपका स्वागत है पर आपको नियम लागू करने होंगे। वकील ने 31 मई को कहा था कि हम अंतरिम शिकायत अधिकारी नियुक्त किया है और शिकायत अधिकारी की प्रक्रिया जारी है। जब पूछा गया कि कितना वक्त लगेगा तो इस पर ट्विटर के वकील को कोई निर्देश नहीं थे। उन्हें और वक्त चाहिए, क्योंकि कंपनी का दफ्तर अलग टाइम जोन वाले अमेरिका में है।ट्विटर ने लीगल शील्ड खोईट्विटर ने अब थर्ड पार्टी कंटेंट के लिए लीगल शील्ड को खो दिया है। यानी सरकार की तरफ से उसे कंटेंट को लेकर किसी तरह की सुरक्षा नहीं दी जाएगी। आसान शब्दों में कहा जाए तो अब ट्विटर के ऊपर आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। इस स्थिति के लिए ट्विटर खुद ही जिम्मेदार है। केंद्र ने कहा था कि IT कानून न लागू करने पर ट्विटर की लीगल शील्ड हटाई गई है।
Source: Dainik Bhaskar July 06, 2021 09:13 UTC