तीसरी लहर से सहमे व्यापारी, त्योहार से पहले निवेश से कतरा रहे, पूंजी फंसने का डर - News Summed Up

तीसरी लहर से सहमे व्यापारी, त्योहार से पहले निवेश से कतरा रहे, पूंजी फंसने का डर


जासं, रांची: अगस्त से त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में व्यापार जगत में आमतौर पर हलचल जून के महीने से शुरू हो जाती है। मगर व्यापारी संभावित कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए व्यापार में निवेश से कतरा रहे हैं। बताया जा रहा है कि राज्य में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर अगले 30 दिनों में आना संभावित है। अपर बाजार के थोक कपड़ा व्यापारी नवजोत अलंग बताते हैं कि रांची में जुलाई के महीने में अगस्त से शुरू होने वाले त्योहार और ठंड के कपड़ों का आर्डर दिया जाता है। अगर तीसरी लहर आती है तो ऐसे में लाकडाउन का लगना तय है। ऐसे में व्यापार ठप होने की स्थिति में माल दुकान में पड़ा रह जाएगा। पहले से बाजार में पूंजी फंसी है। पूरे बाजार में हर तरह के थोक और खुदरा विक्रेता की ऐसी ही हालत है।----------सड़क की भीड़ से व्यापारी परेशान : अपर बाजार के व्यापारी बताते हैं कि वो भी सड़कों पर लोगों की भीड़ को देखकर परेशान है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग चेतावनी को गंभीरता से ले रहा है तथा अपनी तरफ से बचाव के सारे दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा है। कोई व्यापारी नहीं चाहता कि तीसरी लहर आए और लाकडाउन लगे। लेकिन दिक्कत यह है कि व्यापारी वर्ग यह इंतजाम दुकान, दफ्तर और गोदाम के भीतर ही कर सकता है। सड़क पर व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन व पुलिस की ही है। इसके लिए लगातार उनसे संपर्क कर बाजार संगठनों की ओर से अनुरोध किया जा रहा है।----हो रही कठिनाई : फुटपाथ दुकानदार संघ के अध्यक्ष अजय कुमार बताते हैं कि बाजारों में अवैध रेहड़ी-पटरी वालों की समस्या बढ़ती जा रही है। इस कारण कोरोना नियमों के पालन में कठिनाई आ रही है। संघ के सदस्यों के द्वारा फुटपाथ पर भी लोगों से शारीरिक दूरी की लगातार अपील की जाती है। हमें हर वर्ग से समन्वय बैठाकर काम करना होगा। रिक्शा वाले व कामगारों के साथ जो बाहर से लोग आ रहे हैं। उन पर निगरानी रखने तथा चालान काटने की जिम्मेदारी तो पुलिस-प्रशासन की है। इस पर उन्हें गंभीरता दिखानी होगी। फुटपाथ दुकानदार पहले से परेशान है। मुश्किल से दुकान लगा रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर के कारण लाकडाउन को झेलने की उनकी क्षमता नहीं है।-----------एमएसएमई को मदद की उम्मीद:जेसिया के अध्यक्ष फिलिप्स मैथ्यू बताते हैं कि पहली लहर के बाद व्यापार किसी तरह से खड़ा किया गया। फिर तुरंत तीसरी लहर आ गयी। ऐसे में अब व्यापारी और उद्योगपति तीसरी लहर से पहले सरकार की तरफ देख रहे हैं। व्यापारी वर्ग अब सरकार से लोन नहीं, अन्य सुधार की जरूरत को समझने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार में महंगाई काफी बढ़ गयी है। उद्योग के लिए जरूरी रॉ मेटेरियल की कीमत 30 से 40 प्रतिशत बढ़ गई है। मैन पावर में महामारी के चलते भारी कमी देखने को मिल रही है। सरकार अपनी तरफ से कई कदम उठा रही है, जिनमें कुछ बेहतर परिणाम दिख रहे हैं। लेकिन सिर्फ लोन देने से काम नहीं चलने वाला है। अब वक्त जो पुरानी स्कीम बंद कर दी गई हैं, उन्हें दोबारा शुरू की जाए। शिपिग चार्ज भी ज्यादा लग रहा है, जिसमें थोड़ी लगाम लगनी चाहिए। सरकार को तीसरी लहर से पहले उद्योग को मिलने वाली विभिन्न सब्सिडी को बढ़ानी चाहिए। साथ ही, बेलगाम कीमतों पर भी लगाम लगाने की जरूरत है।शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप


Source: Dainik Jagran July 04, 2021 02:48 UTC



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