कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि इसमें पांच व्यक्तियों का सैंपल लिया जाएगायदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग सैंपल लिया जाएगादैनिक भास्कर Apr 16, 2020, 06:40 AM ISTजोधपुर. जोधपुर में बढ़ रहे कोरोना प्रकोप को देखते हुए अब जर्मनी की तर्ज पर सैंपलिंग की जांच की जाएगी। इससे क्षमता चार गुना बढ़ जाएगी। अब तक प्रशासन के सर्वे और रेंडम सैंपलिंग में प्रत्येक व्यक्ति का अलग से सैंपल लिया जा रहा है। इससे जांच किट का उपयोग अधिक हो रहा है। नई व्यवस्था से एक से अधिक सैंपल की एक साथ जांच हो सकेगी। आईसीएमआर ने कहा है कि जहां भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक है, वहां पुलिंग सैंपलिंग की जाए।कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि इसमें पांच व्यक्तियों का सैंपल लिया जाएगा। इसे एक करने के बाद जांच की जाएगी। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग सैंपल लिया जाएगा। यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उसमें सम्मिलित सभी व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव मानी जाएगी। यदि कोई संदेह होता है तो वह पुन: जांच की अनुशंसा कर सकता है।फायदा : किट का बचाव होगा, समय भी बचेगा : जर्मनी पद्धति में एक साथ 5 लोगों का सैंपल लिया जाता है। इससे किट का उपयोग कम होता है। फायदा यह भी है कि समय की बचत होती है और क्षमता भी बढ़ जाएगी। उदाहरण के लिए वर्तमान में सर्वे और सैंपलिंग में यदि 100 रेंडम सैंपल लिए जाते हैं तो 100 को ही टेस्ट में लगाया जाता है, लेकिन पुलिंग तकनीक से 100 सैंपल की जांच के बजाय केवल 20 सैंपल लगाने से ही काम हो जाएगा।
Source: Dainik Bhaskar April 16, 2020 00:56 UTC