राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा (JDU Sanjay Jha) ने शुक्रवार को कहा कि राज्यसभा की सदस्यता की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar Rajya Sabha Oath) देश के उन विरले राजनीतिज्ञों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी सदनों का सदस्य रहने का गौरव प्राप्त है।संजय झा ने कहा कि स्पष्ट दृष्टि, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के प्रति अथाह समर्पण के साथ मुख्यमंत्री ने पिछले दो दशकों में बिहार को विकास और सुशासन की नई दिशा दी है। यही कारण है कि बिहार की जनता ने उन्हें बार-बार अपना विश्वास दिया है।उन्होंने आगे कहा कि समावेशी विकास की भावना के तहत समाज के हर वर्ग तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना तथा विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व पहल उनके नेतृत्व की पहचान रही है। '...जब राज्य हिंसा की आग में झुलस रहा था' संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने ऐसे समय में बिहार का नेतृत्व संभाला था, जब राज्य हिंसा की आग में झुलस रहा था और चारों ओर असुरक्षा की भावना व्याप्त थी। अपराधियों का बोलबाला था और शाम होने के बाद लोग अपने-अपने घरों में सिमट जाते थे। कानून-व्यवस्था पर से लोगों का विश्वास लगभग उठ चुका था।नीतीश कुमार कैसे बने सुशासन बाबू? जदयू नेता ने कहा कि वर्ष 2005 में शासन संभालते ही उन्होंने सबसे पहले राज्य में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह बहाल करने पर ध्यान दिया। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई और उन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया। यही वजह है कि उन्हें सुशासन बाबू कहा जाने लगा।जंगलराज की समाप्ति कर उन्होंने बिहार की ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाया। अगले चरण में उन्होंने बिहार की सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान दिया। सात निश्चय के तहत व्यापक पैमाने पर विकास कार्य प्रारंभ किए गए।
Source: Dainik Jagran April 10, 2026 14:11 UTC