भारत के जल मानव के नाम से विख्यात और मैगसेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रकृति की रक्षा के बिना मनुष्य का भविष्य सुरक्षित नहीं है।-वह मुंबई मराठी पत्रकार संघ में स्वर्गीय डेरिल डी' मोंटे स्मृति व्याख्यान (जिनका निधन 2019 में हुआ) में आयोजित कार्यक्रम जल जंगल जमीन में बोल रहे थे।उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, 'जिस तरह मैंने डेरेल जी से संस्थागत कार्य सीखा, उसी तरह मैंने प्रकृति और पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया।' उन्होंने जल संरक्षण के आध्यात्मिक पक्ष को रखते हुए कहा, 'हमें नीर, नारी और नदी को नारायण (ईश्वर) के समान पूजनीय मानना चाहिए।'
Source: Dainik Bhaskar April 05, 2026 21:20 UTC