राजधानी में दो आईएएस अफसरों समेत 30 मरीजों ने दी कोरोना को मात दी, छह नए पॉजिटिव केस मिले - Dainik Bhaskar - News Summed Up

राजधानी में दो आईएएस अफसरों समेत 30 मरीजों ने दी कोरोना को मात दी, छह नए पॉजिटिव केस मिले - Dainik Bhaskar


प्रमुख सचिव हेल्थ पल्लवी जैन गोविल और हेल्थ कार्पोरेशन के सीईओ जे. विजयकुमार स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्जशुक्रवार को देर रात आई रिपोर्ट में 11 नए मरीज पॉजिटिव पाए गए थे, दो सगे भाईयों समेत तीन संदिग्धों की मौत हो गई थीदैनिक भास्कर Apr 18, 2020, 10:09 PM ISTभोपाल. राजधानी में शनिवार को सुबह 102 कोरोना संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आई। इसमें सभी व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। वहीं शाम को 6 नए केस सामने आए। अब भोपाल में कोरोना मरीजों की संख्या 213 हो गई है। शाम को भोपाल से राहत वाली खबर आई, जब 30 मरीजों ने कोरोना संक्रमण को मात देकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए, इसमें आईएएस अधिकारी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पल्लवी जैन गोविल और हेल्थ कार्पोरेशन के सीईओ जे विजयकुमार शामिल हैं। अब भोपाल में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 34 हो गई है। अभी दो आईएएस अफसरों का इलाज जारी है। इन 30 मरीजों का इलाज चिरायु अस्पताल में चल रहा था।इसके पहले शुक्रवार को देर रात आई रिपोर्ट में 11 नए केस सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग इनकी कॉन्टेक्ट हिस्ट्री तलाश रहा है। शुक्रवार को रात करीब 500 जांच रिपोर्ट आईं थी, इसमें 11 पॉजिटिव थीं। बाकी रिपोर्ट निगेटिव पाई गईं। शनिवार को 1600 से अधिक सैंपल जांच के लिए विशेष विमान से दिल्ली भेजे गए। वहीं भोपाल में दो सगे भाईयों समेत तीन संदिग्धों की मौत हो गई है। इसमें एक राजगढ़ की महिला भी शामिल हैं। संदेह है कि इन्हें कोरोना हो सकता है।एक दिन के अंतराल में दोनों भाईयों की मौतजीएमसी के डीन डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि मरने वालों में दिलकुशा ऐशबाग निवासी कल्लू यादव (42) और बबलू यादव (35) दोनो सगे भाई थे और चंद घंटों के अंतराल में ही दोनों की मौत हो गई। कल्लू को 15 अप्रैल को भर्ती किया गया था उनकी गुरुवार को मौत हुई जबकि बबलू की शुक्रवार को सुबह हुई। इसके अलावा हेमलता सेन (36) की मौत हुई है, वह राजगढ़ सिविल लाइंस की रहने वाली थीं, उन्हें बुधवार को हमीदिया रेफर किया गया था। तीनों मृतक मरीजों का स्वास्थ्य विभाग कोरोना सैंपल पहले ही ले चुका है।सीआरपीएफ ने सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत गरीबों को राशन और सैनिटाइज बांटा।सीआरपीएफ ने बंगरसिया में गरीबों को भोजन व सैनिटाइजर बांटेसिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत बंगरसिया में सीआरपीएफ ने भोजन के पैकेट बांटे और लोगों को सैनिटाइजर और मॉस्क बांटे। सीआरपीएफ 238 बटालियन के अधिकारी ने कहा- हमें पता है कि आप लोग बहुत मुश्किल में हैं यहां पर। आप यहां पर फंस गए हैं, हम आपका दर्द समझते हैं। इसी दर्द को समझते हुए हमने ये कार्यक्रम किया है। जो भी गरीब-मजदूर हैं और फंस गए हैं। उनकी सहायता करने के लिए आपके साथ खड़े हैं। हम भी आपके परिवार के सदस्य हैं और हमारा परम कर्तव्य है कि आपकी मुश्किल घड़ी में आपके साथ खड़े हो जाएं। हमारा काम केवल लाठी मारना या गोली चलाना ही नहीं है। वहां पर डॉक्टर भी मौजूद रहे, उनसे परामर्श लिया गया और उन्हें मेडिसिन दी गई। अधिकारी ने ये भी कहा कि हम सब भी आप जैसे ही अपने घरों से आए हैं और हम सब एक हैं, एक देश के नागरिक हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा गया।कॉन्टेक्ट में आए लोगों की सैंपलिंगराजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हर रोज 1200 से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके लिए कैंटोनमेंट क्षेत्र में बने हॉटस्पॉट को चिन्हित कर सभी पॉजिटिव प्रकरण के संपर्क वाले लोगों को चिन्हित कर उनकी सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है। पिछले दिनों में जहांगीराबाद, ऐशबाग, बैरागढ, पुलिस लाइन, टीटी नगर आदि क्षेत्रों में सैंपल लिए हैं। भोपाल में संक्रमण वाले व्यक्तियों के सभी कॉन्टेक्ट को हर स्तर पर चेक किया जा रहा है। संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के लिए विशेषज्ञों के दल के साथ पुलिस के अधिकारी भी लगाए गए हैं। सभी संक्रमित व्यक्तियों के फर्स्ट काॅन्टेक्ट और क्लोज काॅन्टेक्ट को ट्रेस कर लिया गया है। इन सभी के सैंपल लिए जा चुके हैं। शुक्रवार को 1100 से अधिक सैंपल लिए गए हैं।कॉन्टेक्ट हिस्ट्री को सघन चेकिंग अभियान चलाकर ट्रेसस्मार्ट सिटी ऑफिस में कई डायग्राम बनाकर उनकी कॉन्टेक्ट हिस्ट्री टेलीफोन नंबर और संक्रमित व्यक्तियों द्वारा बताए गए जानकारी की क्रॉस चेक करके सभी हॉटस्पॉट्स को भी चिन्हित किया गया है। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने बताया कि स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम लगातार संक्रमित व्यक्तियों की सूचना आने के बाद उनके सभी क्लोज कॉन्टेक्ट को ट्रेस करना एक चैलेंज था। इस सुलझाने के लिए 10 से अधिक व्यक्ति लगातार काम कर रहे थे। अब हम इस पहेली को सुलझाने के करीब आ चुके हैं। भोपाल में संक्रमण को रोकने के लिए सभी पॉजिटिव व्यक्तियों के कॉन्टेक्ट की पहचान करना अति आवश्यक था, पुलिस ने भी मोबाइल नंबर के आधार पर इन सभी व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की है।


Source: Dainik Bhaskar April 18, 2020 10:37 UTC



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