Hindi NewsLocalRajasthanUdaipur16 year old Student Dies Of Corona Infection In Udaipur, Health Department Kept Hiding Information About Death Even After 24 Hoursलापरवाही पड़ गई भारी: उदयपुर में कोरोना संक्रमण से 16 वर्षीय छात्र की मौत, 24 घंटे बाद भी मौत की जानकारी छुपाता रहा स्वास्थ्य महकमाउदयपुर 9 घंटे पहलेकॉपी लिंककोरोना की चपेट में आने से उदयपुर में अब तक 754 मरीजों की हो चुकी है मौत।कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भले ही केंद्र और राज्य सरकार पहले से विशेष सतर्कता बरतते हुए स्वास्थ्य विभाग सहित जिला प्रशासन को फूल-अलर्ट पर रहने के निर्देश दे चुकी हो। लेकिन उदयपुर का स्वास्थ्य महकमा अब तक शायद गंभीर नहीं है। ऐसी ही बानगी देखने को मिली, जब सोमवार देर शाम को जिले के मावली इलाके में कोरोना से एक किशोर की मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच दिया। और तो और किशोर की मौत के 24 घंटे बाद भी स्वास्थ विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जानकारी छिपाते रहे। यही नहीं, जिला कलक्टर चेतन देवड़ा को भी देर रात तक इस मामले की जानकारी नहीं थी।जानकारी के अनुसार मावली तहसील के देवाली गांव निवासी 16 वर्षीय किशोर को निमोनिया की शिकायत होने पर 22 जुलाई को कोविड टेस्ट करवाया गया। टेस्ट रिपोर्ट के पॉजिटिव आने पर बालक का पहले तो घर ही इलाज चला। मगर सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होने पर उसे एमबी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। कोविड संक्रमण से जूझ रहे किशोर ने आईसीयू में इलाज के दौरान 25 जुलाई को देर रात दम तोड़ दिया। आनन-फानन में चिकित्सा विभाग ने कोरोना प्रोटोकाल के तहत शव को पैककर परिजनों को सौंपकर गांव में अंतिम संस्कार भी करवा दिया।यही नही चिकित्सा विभाग ने किशोर की मौत के बाद परिजनों सहित मृतक के क्लोज कॉन्टेक्ट्स में आये डेढ़ दर्जन लोगों के कोविड टेस्ट के लिए सेम्पल भी लिए है। मृतक मावली के देवाली गांव का रहने वाला था। और सांगवा में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 11 वीं कक्षा में पढ़ता था। हालांकि मृतक को कोरोना से पहले स्क्रब टायफस होने की भी बात सामने आई है।चिकित्सा विभाग ने छिपाई जानकारीदरसअल, किशोर ने रविवार देर शाम को ही इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, मगर सीएमएचओ सहित चिकित्सा विभाग के आला जिम्मेदार अधिकारी 24 घंटे बाद भी मामले को दबाते रहे। मीडिया द्वारा सीएमएचओ डॉ दिनेश खराड़ी, मावली बीसीएमएचओ मनोहर सिंह यादव से जानकारी मांगी गई। मगर दोनों जिम्मेदार जानकारी देने से बचते रहे। ऐसे में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले उदयपुर में चिकित्सा विभाग की ऐसी मुस्तैदी कई सवाल खड़े कर रही है।
Source: Dainik Bhaskar July 26, 2021 18:22 UTC