2 /6 घर के ब्रह्म स्थान में हो यह कमीवास्तु शास्त्र के मुताबिक घर के मध्य भाग को ब्रह्म स्थान माना गया है। पुराने जमाने में घरों में ब्रह्म स्थान पर खुला आंगन होता था। मगर आज के समय में घर छोटे होते हैं और इनमें आंगन बना पाना संभव नहीं होता है। अगर आपके घर में भी खुला आंगन नहीं है तो घर का खुला क्षेत्र उत्तर या पूर्व की तरफ बनवाना चाहिए। इसके साथ ही यह बात भी ध्यान रखें कि घर का ब्रह्म स्थान दबा हुआ नहीं होना चाहिए। घर के ब्रह्म स्थान का दबा होना बीमारियों को न्यौता देने के बराबर है। इसके साथ ही इस बात पर भी ध्यान दें कि घर के मध्य में कोई भारी सामान नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना पॉजिटिव एनर्जी के मार्ग में बाधा माना जाता है। घर में पॉजिटिव एनर्जी न आने से घर के सदस्यों की प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है।देखें अगर आपकी कुंडली में सूर्य-चंद्रमा हों साथ तो फिर क्या हो जाएंगे आपके हालात
Source: Navbharat Times April 23, 2021 06:56 UTC