सच छापा इसलिए आयकर छापा: सच दिखाती वो 15 तस्वीरें जिनसे घबराई सरकार ने दैनिक भास्कर पर डलवाए आयकर छापे - News Summed Up

सच छापा इसलिए आयकर छापा: सच दिखाती वो 15 तस्वीरें जिनसे घबराई सरकार ने दैनिक भास्कर पर डलवाए आयकर छापे


Hindi NewsDb originalSee The Pictures Of The Truth That Scared The Government And Got The Income Tax Raids Done On Dainik Bhaskarसच छापा इसलिए आयकर छापा: सच दिखाती वो 15 तस्वीरें जिनसे घबराई सरकार ने दैनिक भास्कर पर डलवाए आयकर छापे19 घंटे पहलेकॉपी लिंककोरोना की दूसरी लहर में लोगों की मौत का सच हो या ऑक्सीजन की कमी। वैक्सीन की बर्बादी हो या सरकारी लीपापोती। दैनिक भास्कर पूरी ताकत से देश के सामने सच्ची तस्वीर लाता रहा। शायद यह तस्वीर सरकार को बर्दाश्त नहीं हुई और उसने बेखौफ दैनिक भास्कर को अपनी ताकत से दबाने की कोशिश शुरू कर दी। गुरुवार को दैनिक भास्कर के 30 ठिकानों पर एक साथ आयकर छापे इसी का नतीजा हैं।तो आइए देखते हैं दैनिक भास्कर में प्रकाशित ऐसी 15 तस्वीरें जो सरकार को बर्दाश्त नहीं हुईं...1140 किलोमीटर में 2 हजार से ज्यादा शवमई में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दैनिक भास्कर के 30 रिपोर्टर्स ने उत्तर प्रदेश के 27 जिलों से ग्राउंड रिपोर्ट की। गंगा किनारे कुल 1140 किमी की दूरी में 2 हजार से ज्यादा शव मिले। कानपुर, उन्नाव, गाजीपुर और बलिया में हालात सबसे खराब थे।कानपुर में 400 लाशों का सच सामने आया। उत्तर प्रदेश के इस सबसे ज्यादा आबादी वाले जिले के शेरेश्वर घाट पर आधे किलोमीटर में ही 400 से ज्यादा लाशें दफन की गईं। भास्कर के यहां पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई और लाशों पर मिट्‌टी डलवाना शुरू कर दिया।उन्नाव के शुक्लागंज और बक्सर घाट के पास 900 से ज्यादा लाशें दफन मिलीं। कदम-कदम पर मानव अंग बिखरे नजर आए। कुत्ते उन्हें नोंचते दिखे। दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद प्रशासन नींद से जागा और आनन-फानन में लाशों पर से कफन हटवाकर रेत डलवा दी गई।दैनिक भास्कर की पड़ताल में प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर में 50 लाशें मिलीं। वाराणसी के सूजाबाद घाट के पास गंगा में मिले शवों को JCB की मदद से दफन किया गया। संगमनगरी प्रयागराज से 13 शवों को गंगा और यमुना नदी से निकाला गया।पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े गाजीपुर जिले में दैनिक भास्कर की पड़ताल के दौरान दो दिनों में 110 से ज्यादा शव मिले। इनमें से 52 शवों को पुलिस ने दफन करवा दिया। इससे सटे बिहार के बक्सर जिले में इससे कुछ दिन पहले 100 से ज्यादा लाशें मिलीं थीं।दैनिक भास्कर ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में कोरोना काल के सबसे बड़े श्मशान से रिपोर्ट की। यहां बारिश में गंगा उफनाई तो रेत में दफन उन लाशों का सच सामने आ गया, जिन पर अफसरों ने रेत डलवा दी थी। कुछ दिनों तक 500 शव सीमा विवाद में फंसे रहे थे।पैमाइश के बाद नसीब हुआ अंतिम संस्कारशव किसके इलाके में मिले, इस बात पर फतेहपुर और उन्नाव के अफसरों के बीच 8 घंटे तक पैमाइश चलती रही। बाद में दोनों जिलों के डीएम ने तय किया कि फतेहपुर के शवों का अंतिम संस्कार उनके क्षेत्र में होगा जबकि उन्नाव के लोगों का अंतिम संस्कार उन्नाव में होगा।ऑक्सीजन की कमी का सच उजागर किया, तब भी और अब भीकोरोना संक्रमित पति की सांस उखड़ने लगी तो पत्नी अपने मुंह से सांस देने लगी, लेकिन फिर भी जान नहीं बचा सकी। मामला आगरा का है। इससे पहले महिला अपने पति को लेकर चार अस्पतालों के चक्कर लगा चुकी थी।ऑक्सीजन के लिए मचे हाहाकार के बीच श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा ने खालसा हेल्प इंटरनेशनल के साथ मिलकर ऑक्सीजन लंगर शुरू किया था। ये तस्वीर 24 अप्रैल को गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके की है।मध्य प्रदेश के शहडोल जिले स्थित मेडिकल कॉलेज में 12 मरीजों की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई है। रात में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया था। घटना 17 अप्रैल की है।आंकड़ों में गड़बड़ी का खुलासा कियादैनिक भास्कर के नेशनल एडिटर सैटेलाइट ओम गौड़ ने लिखा कि लाशों का दाग गंगा पर मढ़ दो पर सच तो बोलो सरकार; वे कहीं से भी बहकर आ रहे हों, पर हैं तो इंसानों के ही? दैनिक भास्कर में खबर का खुलासा होने के बाद प्रशासन जागा और एक के ऊपर एक शव रखकर क्रिया कर्म किया गया। गंगा किनारे जेसीबी से गड्‌ढे खुदवाकर शव उसमें दफन करने की रस्म अदायगी की गई। भास्कर ने इसका भी खुलासा किया।दैनिक भास्कर ने राजस्थान में कोरोना वैक्सीन के दुरुपयोग पर बड़ा खुलासा किया। भास्कर के पास कचरे में पड़ी 500 वायल का फोटो इसका सबूत थे।दैनिक भास्कर ने राजस्थान में कोरोना वैक्सीन के दुरुपयोग पर बड़ा खुलासा किया। भास्कर के पास कचरे में पड़ी 500 वायल का फोटो इसका सबूत थे। इनमें बाकायदा बैच नंबर और लगाने की तारीख तक दर्ज थी। राजस्थान सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं था।जब केंद्र सरकार ने संसद में कहा-ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई तो दैनिक भास्कर ने बताया कि मध्यप्रदेश में अप्रैल में ऑक्सीजन की कमी से 60 लोगों की मौत हुई। साथ ही ग्वालियर में 28 अप्रैल को ली गई यह तस्वीर प्रकाशित की और बताया कि ऑक्सीजन की कमी हुई तो अंबु बैग की मदद ली, लेकिन जान नहीं बचा पाए।


Source: Dainik Bhaskar July 22, 2021 14:26 UTC



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