इस समय नये दोपहिया में पांच साल का बीमा जरूरी दोपहिया वाहनों के मालिकों की बीमा पॉलिसी लेने में कोताही को देखते हुए अब भारत में भी कम से कम पांच साल तक का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा कदम भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने उठाया है। हालांकि, इरडा के इस कदम से कार और दोपहिया वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा महंगा हो गया है पर ऐसा करना जरूरी था। ऐसा इसलिए, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद इरडा को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।देश में इस समय करीब 23 करोड़ रजिस्टर्ड टू-व्हीलर इंश्योरेंस इंर्फोमेशन ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018-19 के दौरान देश भर में कुल 22.78 करोड़ दोपहिया वाहन रजिस्टर्ड थे। इनमें से 17.58 करोड़ दोपहिया सड़क पर चल रहे थे। लेकिन उनमें से करीब छह करोड़ दोपहिया का ही थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (Third Party Insurance) था। मतलब साफ है कि बहुत से लोग वाहन खरीदते वक्त तो बीमा पॉलिसी ले लेते हैं। लेकिन उसके बाद अपनी बीमा पॉलिसी को रिन्यू करवाना भूल जाते हैं।बीमा का कवर हो तो क्या होता है फायदा यदि मोटर वाहन का बीमा हो तो उसके कई फायदे हैं। यदि वह वाहन चोरी हो जाता है तो कुछ कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके मालिक को उसकी क्षतिपूर्ति मिल जाती है। यदि वह वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो उसे ठीक कराने के लिए बीमा कंपनी पैसा देती है। यदि उस वाहन के साथ दुर्घटना होने में कोई व्यक्ति हताहत होता है तो बीमा कंपनी उसका भी मुआवजा देती है। मतलब है कि एक बीमा पॉलिसी के ढेरों फायदे हैं।इसलिए किया गया दीर्घकालीन बीमा अनिवार्य बीमा रिन्यू (Insurance Renew) कराने की बढ़ती आदतों को देखते हुए ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब नए मोटर वाहनों की खरीद पर दीर्घकालीन बीमा अनिवार्य कर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति अब नई कार खरीदते हैं तो उन्हें कम से कम तीन साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की पॉलिसी खरीदनी होती है। यदि कोई व्यक्ति नया टूव्हीलर खरीद रहे हैं तो उन्हें कम से पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्यरेंस लेना होगा।
Source: Navbharat Times July 26, 2021 09:11 UTC