सिर्फ फायदा चाहिए तो इतनी मात्रा में करें दालचीनी का सेवन, नहीं तो पड़ सकते हैं लेने के देने - News Summed Up

सिर्फ फायदा चाहिए तो इतनी मात्रा में करें दालचीनी का सेवन, नहीं तो पड़ सकते हैं लेने के देने


दालचीनी रसोई में उपयोग होनेवाला एक ऐसा मसाला है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का काम करता है। साथ ही यह हार्ट अटैक के खतरे को कम करने का काम करती है। दालचीनी एक खास तरह की लकड़ी होती है, जो औषधिय गुणों से भरपूर होती है। यह दालचीनी (Cinnamon) सिनेमामम नाम के पौधे के तने और शाखाओं की अंदरूनी छाल (परत) होती है। यह सेहत के लिए बहुत गुणकारी होती है अगर इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए तब। नहीं तो यह जान के लिए खतरे की वजह भी बन सकती है...दो प्रकार की होती है दालचीनी -आमतौर पर हम दालचीनी के एक ही प्रकार के बारे में जानते हैं, जिसका उपयोग ड्रिंक्स, दाल और सब्जी तैयार करने में किया जाता है। लेकिन दालचीनी मुख्य रूप से दो तरह की होती है। इन दोनों तरह की दालचीनी के बीच मुख्य अंतर स्वाद का होता है। -आमतौर पर जो लकड़ी के रंग जैसी दालचीनी हमारे घरों में यूज होती है, उसका टेस्ट अधिक तीखा होता है। इसे रेग्युलर सिनमन या कैशीअ (Cassia) नाम से जाना जाता है। यह दालचीनी सुपरमार्केट और किराना शॉप्स पर आराम से मिल जाती है। -दूसरी तरह की दालचीनी को सीलोन (Ceylon)नाम से जाना जाता है। इसका स्वाद कैशीआ से लाइट होता है। इस दालचीनी को ट्रयू सिनमन नाम से भी जाना जाता है। सीलोन का उपयोग कुछ खास चीजों और दवाओं में ही किया जाता है। यह कैशीअ की तुलना में महंगी होती है।दालचीनी का उपयोग और प्रभाव -कैशीअ दालचीनी यानी जो दालचीनी हम रसोई में उपयोग करते हैं, इसका सेवन बहुत कम और सीमित मात्रा में किया जाता है। अगर सही तरीके से इसका उपयोग किया जाए तो यह शरीर को कई गंभीर रोगों से बचाती है। -लेकिन अगर अधिक मात्रा में इसका उपयोग किया जाए तो यह लाभ पहुंचाने की जगह हमारी सेहत को हानि पहुंचा सकती है। क्योंकि इसमें कूमरिन (coumarin) नाम का कंपाउंड होता है। जो सेंट में वनीला की तरह फील होता है और टेस्ट में हल्का कड़वा होता है। अधिक मात्रा में शरीर में जाने पर यह कई तरह की बीमारियां पैदा करता है।लीवर डैमेज और कैंसर का खतरा -कई अलग-अलग रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि अधिक मात्रा में कूमरिन का सेवन लीवर को नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय तक और निश्चित मात्रा से अधिक मात्रा में दालचीनी का उपयोग करने से लीवर डैमेज का खतरा बढ़ जाता है। -यदि बिना मात्रा का ध्यान रखे लगातार कूमरिन का सेवन किया जाए तो यह कैंसर का खतरा भी बढ़ा देता है। यह मुख्य रूप से लीवर कैंसर, फेफड़ों के कैंसर और किडनी संबंधी बीमारी पैदा करता है। इस तरह के होते हैं कैंसर के लक्षण।


Source: Navbharat Times April 17, 2020 10:31 UTC



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