जीरकपुर में स्वच्छ भारत मुहिम के तहत यहांं कुछ दिनों तक खूब शोर मचाया गया। शहर में कचरा फेंकने वालों के चालान करने का दावा किया गया। अब न तो यहां साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है और न ही कचरा सड़कों पर फेंकने वालों के चालान किए जा रहे हैं। पिछले साल जीरकपुर नगर परिषद ने पहली बार हाउस मीटिंग के लिए ऐसा ऐजेंडा पास किया था कि घर से बाहर सड़क पर कचरा फेंकने वालों के चालान किए जाएंगे। इसकी जानकारी देने के लिए पब्लिक से भी सहयोग मांगा गया था। लोगों से अपील की गई कि अगर आपको कहीं कोई सड़क पर कचरा फेंकता नजर आए तो उसकी शिकायत एमसी को दें लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।एमसी के अधिकारियों ने तब दावा किया था कि तीन कैटेगरी में जुर्माना वसूल किया जाएगा। पहली बार अगर किसी को कचरा घर से बाहर खुले में फेंकते पाया गया तो उस पर 100 रुपए का जुर्माना होगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर 300 रुपए का व तीसरी बार कचरा फेंकते पाए जाने पर 500 रुपए मौके पर ही वूसले जाएंगे। एमसी की हाउस मीटिंग में इस पर हां कर कर दी गई थी। सभी पार्षदों की �ओर से इस पर सहमति जताई गई ताकि जीरकपुर शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिल सकेगी।यह कहा था अधिकारी ने:एमसी के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह का कहना है कि सड़क पर कचरा फेंकने वालों से पब्लिक परेशान है। कोई भी नहीं चाहेगा कि उसके घर के बाहर कोई कचरा फेंके। इसके लिए हर व्यक्ति जागरूक नागरिक बनकर इसमें हमारी मदद करे। कचरा फेंकने वाले का वीडियो बनाएं। हमें भेजें। उसकी जानकारी हमें दे। इसके अलावा एक टीम भी होगी, जो दुकानदार व घरांे में पूछकर पता करेगी कि घर या दुकान से निकलने वाला कचरा किस रेहड़ी वाले सफाई कर्मचारी को देते हैं। अगर नहीं देते हैं तो कहां फेंकते हैं। इससे पता चल जाएगा कि कितने लोग घरों से गारबेज रेहड़ी वालों को देते हैं और कितने नहीं। इसके अलावा लोगांे की मदद से इस काम को किया जाएगा। इस काम में हमारी टीम लग गई है।
Source: Dainik Bhaskar February 06, 2019 20:48 UTC