नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने सेवारत चिकित्सकों को बोनस अंक का लाभ नियमानुसार प्रदान करने का राहतकारी आदेश पारित किया। कोर्ट ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुशंसा-पत्र के आधार पर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करने उप संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं को 60 दिन की मोहलत दी है। साथ ही इस बारे में अवगत कराने कहा है। ऐसा इसलिए ताकि याचिकाकर्ताओं को दूसरी बार कोर्ट न आना पड़े।सिविल अस्पताल मैहर में पदस्थ डॉक्टर ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा याचिकाकर्ता मैहर निवासी डॉ. ओमप्रकाश पांडे सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता वर्तमान में सिविल अस्पताल, मैहर में चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत है। वह साल 2012 से निरंतर सेवा दे रहा है। उसने नीट पीजी परीक्षा 2025 उत्तीर्ण कर ली है, परंतु उसे बोनस अंक का लाभ प्रदान नहीं किया जा रहा है।
Source: Dainik Jagran April 05, 2026 05:10 UTC