10 फरवरी को है वसंत पंचमी, इस शुभ मुहूर्त में कैसे करें मां सरस्वती की पूजा, अपने लिए और अपने बच्चों की बुद्धि और कामयाबी की करें कामना - News Summed Up

10 फरवरी को है वसंत पंचमी, इस शुभ मुहूर्त में कैसे करें मां सरस्वती की पूजा, अपने लिए और अपने बच्चों की बुद्धि और कामयाबी की करें कामना


रिलिजन डेस्क। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को वसंत पंचमी मनाई जाती है। इस साल सरस्वती देवी के पूजन का ये पर्व रविवार, 10 फरवरी को है। उज्जैन ज्योतिर्विद पं. अमर डिब्बावाला के अनुसार वसंत पंचमी रविवार को सुबह रेवती नक्षत्र के साथ शुरू होगी। शाम को 7.37 बजे से सोमवार सुबह 6.10 बजे तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जिससे सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। इस मुहूर्त में शादी, खरीदी, वास्तु पूजन आदि मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन कुंडली का कालसर्प दोष दूर करने के लिए चांदी के नाग की पूजा करने की परंपरा है। पूजा के बाद पवित्र नदी में चांदी का नाग प्रवाहित कर देना चाहिए।मां सरस्वती की पूजा का मुहूर्तज्योतिर्विद अर्चना सरमंडल के अनुसार वसंत पंचमी पर रेवती नक्षत्र, शुक्ल पक्ष, कुंभ राशि का बुध, सूर्य के साथ में बहुत ही अच्छा योग बना रहे हैं। इस दिन सरस्वती पूजन का मुहूर्त सुबह 8.30 से दोपहर 12.30 तक है।पूजन विधिवसंत पंचमी पर अगर विधि-विधान से देवी सरस्वती की पूजा की जाए तो विद्या और बुद्धि के साथ सफलता भी निश्चित मिलती है। वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा इस प्रकार करें-> सुबह स्नान कर पवित्र आचरण, वाणी के संकल्प के साथ माता सरस्वती की पूजा करें।> पूजा में गंध, अक्षत (चावल) के साथ खासतौर पर सफेद और पीले फूल, सफेद चंदन तथा सफेद वस्त्र देवी सरस्वती को चढ़ाएं।> प्रसाद में पीले चावल, खीर, दूध, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू, घी, नारियल, शक्कर और मौसमी फल चढ़ाएं।> इसके बाद माता सरस्वती से अपने लिए और अपने बच्चों की बुद्धि और कामयाबी की कामना करें, घी के दीप जलाकर आरती करें।देवी सरस्वती की आरतीजय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता।। जय सरस्वती...।।चंद्रवदनि पद्मासिनी, द्युति मंगलकारी।सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी।। जय सरस्वती...।।बाएँ कर में वीणा, दाएं कर माला।शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला।। जय सरस्वती...।।देवि शरण जो आए, उनका उद्धार किया।पैठि मंथरा दासी, रावण संहार किया।। जय सरस्वती...।।विद्या ज्ञान प्रदायिनि ज्ञान प्रकाश भरो।मोह, अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो।। जय सरस्वती...।।धूप दीप फल मेवा, मां स्वीकार करो।ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो।। जय सरस्वती...।।मां सरस्वती जी की आरती, जो कोई नर गावे।हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे।। जय सरस्वती...।।


Source: Dainik Bhaskar February 07, 2019 15:20 UTC



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