संक्षेप: Who is Albinder Dhindsa: ब्लिंकिट को भारत में क्विक कॉमर्स का बड़ा नाम बनाने वाले अल्बिंदर ढिंडसा अब जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी इटरनल के नए CEO बन गए हैं।Who is Albinder Dhindsa: ब्लिंकिट को भारत में क्विक कॉमर्स का बड़ा नाम बनाने वाले अल्बिंदर ढिंडसा अब जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी इटरनल के नए CEO बन गए हैं। यह बड़ा नेतृत्व बदलाव तब हुआ है, जब जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने 1 फरवरी से ग्रुप CEO पद से हटने का फैसला किया है। हालांकि, गोयल कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं और वे वाइस चेयरमैन की भूमिका में बने रहेंगे। इस बदलाव को इटरनल के भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां अब तेज डिलीवरी और हाइपरलोकल बिजनेस पर ज्यादा फोकस रहेगा। बता दें कि ढिंडसा और गोयल न सिर्फ लंबे समय से साथ काम कर रहे हैं, बल्कि निजी तौर पर भी करीबी दोस्त माने जाते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से...प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨कौन हैं अल्बिंदर ढिंडसा पंजाब के पटियाला में जन्मे अल्बिंदर ढिंडसा की कहानी एक छोटे शहर से ग्लोबल बिजनेस लीडर बनने की है। उन्होंने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद अमेरिका जाकर कोलंबिया बिजनेस स्कूल से MBA किया। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें टेक्नोलॉजी से जुड़ी बड़ी और स्केलेबल बिजनेस समस्याओं को समझने का मौका मिला। यही अनुभव आगे चलकर ऑन-डिमांड डिलीवरी जैसे जटिल और तेज रफ्तार सेक्टर में उनके काम आया। ढिंडसा शुरू से ही ऐसे बिजनेस बनाना चाहते थे, जो रोजमर्रा की समस्याओं को आसान बनाएं।ग्रोफर्स से मिली थी पहचान साल 2013 में, ढिंडसा ने सौरभ कुमार के साथ मिलकर ग्रोफर्स (Grofers) की शुरुआत की। शुरुआत में यह एक हाइपरलोकल डिलीवरी प्लेटफॉर्म था, जो आसपास की दुकानों से सामान ग्राहकों तक पहुंचाता था। धीरे-धीरे यह एक ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म बन गया। लेकिन असली गेम-चेंजर साल 2021 में आया, जब ग्रोफर्स ने खुद को ब्लिकिंट के रूप में रीब्रांड किया। कंपनी ने 10 मिनट में डिलीवरी का वादा कर क्विक कॉमर्स पर बड़ा दांव लगाया। इसके लिए देशभर में डार्क स्टोर्स और माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर्स का तेजी से विस्तार किया गया, जिससे शहरी ग्राहकों की खरीदारी की आदत ही बदल गई।जब जोमैटो ने ब्लिकिंट को खरीदा साल 2022 में जोमैटो ने ब्लिकिंट को करीब 568 मिलियन डॉलर के ऑल-स्टॉक डील में खरीदा। शुरुआत में इस मर्जर के दौरान कई चुनौतियां आईं। खुद दीपिंदर गोयल ने एक पुराने इंटरव्यू में माना था कि इंटीग्रेशन आसान नहीं था और एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने ढिंडसा को ब्लिंकिट से हटाने तक पर विचार कर लिया था, लेकिन समय के साथ हालात बदले और आज ब्लिंकिट, इटरनल ग्रुप का सबसे मजबूत और तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस बन चुका है।
Source: NDTV January 21, 2026 15:37 UTC