Amravati News महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा/जी राम जी) के तहत कार्यरत अकुशल मजदूरों की लंबित मजदूरी को लेकर राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है। आदिवासी बहुल मेलघाट, पालघर सहित अन्य जिलों में बढ़े हुए लेबर बजट की मंजूरी केंद्र स्तर पर विचाराधीन होने के कारण भुगतान अटका हुआ था।अब आदिवासी बहुल मेलघाट समेत जिले के मजदूरों की लगभग 46 करोड़ रुपये की बकाया मजदूरी शीघ्र ही डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में जमा की जाएगी। दैनिक भास्कर ने शुक्रवार के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित कर होली जैसे बड़े त्योहार से पहले आदिवासी मजदूरों के सामने उत्पन्न आर्थिक संकट और भुखमरी की आशंका को उजागर किया था। इसके बाद शासन स्तर पर त्वरित पहल की गई।होली पर्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 67 करोड़ रुपये का विशेष निधि आवंटित किया है। यह राशि कोषागार को प्रेषित कर दी गई है और आगामी दो से तीन दिनों में संबंधित मजदूरों के बैंक खातों में सीधे जमा कर दी जाएगी। आयुक्त, मनरेगा, नागपुर भारत बस्तेवाड़ ने शुक्रवार को जानकारी दी कि 19 फरवरी 2026 को केंद्र सरकार ने राज्य के 13 करोड़ मानव-दिवस के लेबर बजट में वृद्धि करते हुए संशोधित 16 करोड़ मानव-दिवस को मंजूरी दी है। इससे मार्च अंत तक मजदूरों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराने और समय पर मजदूरी भुगतान का मार्ग प्रशस्त होगा। शासन के इस निर्णय से हजारों आदिवासी परिवारों को त्योहार से पहले बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में इससे आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
Source: Dainik Bhaskar February 21, 2026 11:33 UTC