गौतम अडाणी ने परिवार के साथ रामलला के दर्शन किए। वे करीब आधे घंटे तक मंदिर में रहे।बिजनेसमैन गौतम अडाणी ने गुरुवार शाम लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान यूपी में निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा हुई। गौतम अडाणी के बेटे करण अडाणी भी मौजूद रहे।. इससे पहले गौतम अडाणी ने परिवार के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। उन्होंने पत्नी डॉ. प्रीति अडाणी, बड़े बेटे करण और बहू पारिधि अडाणी के साथ विधि-विधान से रामलला की पूजा की। आरती की। पुजारी से तिलक लगवाया। प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर का भ्रमण कर राम मंदिर निर्माण के बारे में जानकारी ली।सीएम योगी से मिलने जाते बिजनेसमैन गौतम अडाणी। दोनों के बीच करी डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई।गौतम अडाणी गुरुवार सुबह 8.30 बजे पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अयोध्या पहुंचे। अहमदाबाद से 2 चार्टर्ड फ्लाइट्स से अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुए। एयरपोर्ट से सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उनका अंग वस्त्र भेंटकर स्वागत किया।30 मिनट तक मंदिर में रहने के बाद बाहर आकर गौतम अडाणी ने कहा-मुझे और मेरे परिवार को अयोध्या में भगवान राम के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। यह एक भावुक पल है, एक गर्व का पल है। यह मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। भगवान राम के आदर्श हमें सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान राम का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और हमारा देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात की गौतम अडाणी ने अयोध्या के गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात की। उन्हें सम्मानित किया। गुरुकुल की पुरानी और आधुनिक परंपरा के बारे जाना। उन्होंने कहा कि मैंने बच्चों के साथ समय बिताया। गुरुकुल आज के युग में हमारी संस्कृति को जागृत रखने का काम कर रहा है। अडाणी फाउंडेशन AI के इस दौर में इस गुरुकुल संस्कृति को संरक्षित करने में हर संभव सहयोग देगा।लखनऊ में योगी से मुलाकात करेंगे इसके बाद, गौतम अडाणी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। यहां सीएम योगी से मुलाकात करेंगे। इससे पहले गौतम अडानी 22 जनवरी 2024 को अयोध्या आए थे। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।अब 4 तस्वीरें देखिए-गौतम अदाणी ने राम मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। हाथ जोड़कर प्रार्थना की।गौतम अदाणी ने राम मंदिर का भ्रमण भी किया। मंदिर के बारे में बारीकी से जानकारी ली।गौतम अदाणी ने हाथ जोड़कर स्वागत के लिए खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।राम मंदिर में पुजारी ने गौतम अडाणी को ‘प्रभु श्रीराम’ का नाम लिखा हुआ शॉल ओढ़ाया।विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत कीगौतम अडाणी श्रीराम मंदिर से करीब 10 मिनट दूर स्थित गुरुकुल महाविद्यालय पहुंचे। यह गुरुकुल 1935 में स्वामी त्यागानंद ने शुरू किया था। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत की। देखा कि कैसे यहां अनुशासन, संस्कार और पढ़ाई एक साथ चलती है।उन्होंने कहा- जब शिक्षा मूल्यों के साथ जुड़ी होती है, तो वह सिर्फ इंसान को नहीं बनाती, बल्कि देश का भविष्य भी बनाती है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन परंपराओं को आगे बढ़ाएं और आने वाले समय के लिए भी तैयार रहें।गौतम अडाणी ने विद्यार्थियों से श्लोक सुने। शिक्षकों से बातचीत की।16 साल की उम्र में शुरू कर दिया था कारोबारगौतम अडाणी का जन्म 24 जून 1962 को अहमदाबाद के गुजराती जैन परिवार में हुआ था। महज 16 साल की उम्र में बी-कॉम की पढ़ाई छोड़कर वो मुंबई चले गए। वजह थी परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति। मुंबई में उन्होंने डायमंड सॉर्ट महिंद्रा ब्रॉस में नौकरी कर ली। कुछ ही महीने बाद उन्होंने खुद का डायमंड ब्रोकरेज आउटफिट शुरू किया।1981 में उनके भाई ने एक प्लास्टिक फैक्ट्री खोली थी, जिसका काम संभालने के लिए वह गुजरात लौट आए। अडाणी ने 1988 में अडाणी एंटरप्राइजेज की शुरुआत की, जो कमोडिटी इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का काम करती थी। 1995 में अडाणी की कंपनी को मुंद्रा पोर्ट का कॉन्ट्रैक्ट मिला। ये कॉन्ट्रैक्ट अडाणी की सफलता में मील का पत्थर साबित हुआ।ये अब एक ऐसे ग्रुप में बदल गया है जो कोल ट्रेडिंग, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स, पावर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन तक फैला हुआ है। अडाणी ग्रुप ग्रीन एनर्जी, एयरपोर्ट्स, डेटा सेंटर्स और सीमेंट इंडस्ट्री में भी है। गौतम अडाणी ने अपने ग्रुप को दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसर बनाने के लिए 2030 तक कुल 70 अरब डॉलर का निवेश करने का कमिटमेंट किया है।गौतम अडाणी की पत्नी प्रीति अडाणी के नेतृत्व में अडाणी फाउंडेशन की स्थापना 1996 में हुई थी। इसने भारत के ग्रामीण इलाकों में सोशल प्रोगाम्स पर काम किया है। अडाणी ग्रुप की वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में ये फाउंडेशन देश के 18 राज्यों में सालाना 34 लाख लोगों के उत्थान में मदद कर रहा है। प्रीति अडाणी पेशे से डॉक्टर हैं, जिन्होंने डेंटल सर्जरी (BDS) में ग्रेजुएशन किया है।किडनैप कर मांगी गई थी 11 करोड़ की फिरौतीसाल 1998 का पहला दिन था। गौतम अडाणी और शांतिलाल पटेल अहमदाबाद के कर्णवती क्लब से कार में सवार हुए। ये कार मोहम्मदपुरा रोड की तरफ जा रही थी। रास्ते में बीच सड़क पर एक स्कूटर खड़ा मिला। कार जैसे ही रुकी, तभी वहां एक वैन पहुंची। वैन में सवार लोगों ने अडाणी और पटेल को किडनैप कर लिया और किसी अज्ञात जगह पर ले गए। पुलिस चार्जशीट के मुताबिक इन दोनों को छोड़ने से पहले 11 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी।26/11 हमले में भी बाल-बाल बचेऐसा ही एक वाकया 26 नवंबर 2008 का है। गौतम अडाणी मुंबई के ताज होटल स्थित वेदर क्राफ्ट रेस्टोरेंट में दुबई पोर्ट के सीईओ मोहम्मद शर्राफ के साथ डिनर कर रहे थे। उन्होंने देखा कि कुछ आतंकी होटल में घुस आए हैं और ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे हैं। 26 नवंबर की पूरी रा
Source: Dainik Bhaskar April 02, 2026 17:24 UTC