दीपक कुमार, शेखपुरा : सदर अस्पताल कैंपस में अस्पताल के बेड पर फूल खिल गए। परेशान करनेवाली तस्वीरें हैं। कोरोना की दूसरी लहर में एक-एक बेड के लिए लोग तरस रहे थे। बेड नहीं मिलने और समय पर इलाज नहीं होने की वजह से न जाने कितने लोगों ने अपनों को खो दिया।बिहार में स्वास्थ्य-व्यवस्था की ऐसी तस्वीरें दिल को कचोटती है। जहां एक-एक बेड के लिए लोग तरस रहे थे, वहां उस बेड की ये दुर्दशा की रिवॉल्विंग बेड बरसात में सड़ रहे हैं। उस पर झाड़-फानूस उग आए। ऐसा लग रहा है कि कोई देखनेवाला ही नहीं है।कोरोना मरीजों के लिए लाए गए 40 रिवॉल्विंग बेड को यूं ही शेखपुरा सदर अस्पताल के कैंपस में फेंक दिया गया। जान बचानेवाले इन बेडों को अस्पताल के इतने बड़े बिल्डिंग में रखने के लिए जगह नहीं मिल पाई। खुले आसमान और बरसात की वजह से इन बेडों के बीच से घास और फूल निकल आए।राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि 'बिहार की दशा, दिशा और दुर्दशा इससे समझिए अस्पताल परिसर में पड़े नए रिवॉल्विंग बेड जो अब गमले बन चुके हैं।'दरअसल पीएचसी के लिए 40 नए रिवॉल्विंग बेड दिए गए थे, ताकि अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर किया जा सके। धीरे-धीरे कोरोना कंट्रोल होने लगा तो इन बेडों को वार्ड में लगाने की बजाए अस्पताल के पीछे खाली जमीन पर फेंकवा दिया गया। काफी दिनों से पड़े इन बेडों को देखा तक नहीं। बरसात की वजह से झाड़ियां उग आई। कुछ बेडों पर फूल भी उग आए।शेखपुरा के सिविल सर्जन डॉक्टर कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह ने कहा कि ये पूरा मामला उनके सिविल सर्जन बनने से पहले का है। अब सभी बेडों को वहां से हटाकर अलग-अलग अस्पतालों को दे दिया गया है। ये सभी बेड कोरोना मरीजों के लिए मंगाए गए थे।
Source: Navbharat Times July 14, 2021 19:41 UTC