मनमोहन सिंह से मिले बॉम्बे क्लब के ये 8 उद्योगपति बॉम्बे क्लब के लोगों ने इस फैसले को सबसे खराब बताते हुए कहा कि यह दोबारा भारत में अंग्रेजों को राज करने की इजाजत देने जैसा है। उन्होंने कहा कि भारत के कारोबारियों को अब अपने दिन उंगलियों पर गिनने शुरू कर देने चाहिए। 10 नवंबर 1993 को 8 उद्योगपतियों का एक समूह इसी मामले में तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह से मिला और इस फैसले के असर को लेकर एक पत्र उन्हें दिया। पत्र में उन्होंने बाजार में कॉम्पटीशन का स्वागत तो किया, लेकिन सरकार से आग्रह किया कि सरकार कोई ऐसा कदम उठाए, जिससे भारत के कारोबारियों को प्राथमिकता मिल सके और विदेशी कंपनियां उनकी भूमिका को नजरअंदाज ना कर सकें। कारोबारियों का जो समूह मनमोहन सिंह से मिला था, उनमें लाला भरत राम, ललित मोहन थापर, हरि शंकर सिंघानिया, एमवी अरुणाचलम, बीके मोदी, सीके बिरला, राहुल बजाज और जमशेद गोदरेज शामिल थे।मनमोहन सिंह ने गंभीरता से लिया बॉम्बे क्लब की बात को बॉम्बे क्लब की बातों का सरकार से काफी गंभीरता से लिया। इसी के चलते 1990 के दशक के मध्य में सरकार ने भारतीय कंपनियों को अपनी इश्यूड कैपिटल के 25 फीसदी के बराबर प्रिफरेंस शेयर रखने की इजाजत दे दी। इन शेयरों के शेयर धारकों के पास वोटिंग राइट्स नहीं होते हैं। ऐसे में भारतीय कारोबारियों के लिए ये शेयर फायदेमंद साबित हुए और वह बिना कंट्रोल खोए भी प्रिफरेंस शेयर के जरिए पैसे जमा कर सकते थे। सरकार ने तर्क दिया कि यह कारोबारियों की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है। सरकार ने ये भी कहा कि इस मदद के लिए उन्हें बहुत सारे इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों की तरफ से सिफारिश की जा रही थी।बदलते रहे नियम, ताकि विदेशी कंपनियां ना कर सकें कब्जा जब भारत के कारोबारियों ने यह शिकायत शुरू की कि विदेशी पार्टनर अपना काम निकल जाने के बाद कंपनी से अलग हो जा रहे हैं, जिससे नुकसान हो रहा है तो सरकार ने एक और नियम बनाया। नया नियम ये था कि कोई भी विदेशी कंपनी अपने भारतीय पार्टनर से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लिए बगैर उससे अलग होकर अकेले कारोबार नहीं कर सकती है। यह भी डर था कि विदेशी संस्थागत निवेशक भारत के बाजार को डोमिनेट कर सकते हैं। जब वह खरीदारी करते थे तो शेयर बाजार चढ़ जाता था और जब बिकवाली करते थे तो शेयर बाजार गिरने लगता था। ऐसे में ये भी हर कोई समझ गया कि ग्लोबल फंड फ्लो कितना प्रभावी है।
Source: Navbharat Times July 24, 2021 10:18 UTC