Business Idea: 'कड़कनाथ' से होगी कड़क कमाई, धोनी ने भी पाल रखे हैं तमाम हेल्थ बेनेफिट वाले ये मुर्गे - News Summed Up

Business Idea: 'कड़कनाथ' से होगी कड़क कमाई, धोनी ने भी पाल रखे हैं तमाम हेल्थ बेनेफिट वाले ये मुर्गे


कैप्टन कूल ने भी पाले हैं कड़कनाथ मुर्गे महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट की दुनिया में तो अपना लोहा मनवाया ही, वह खेती-किसानी में भी कम नहीं हैं। उन्होंने कड़कनाथ मुर्गे भी पाले हुए हैं। पिछले ही साल नवंबर के दौरान ये खबर आई थी कि उन्होंने करीब 2000 चूजों का ऑर्डर दिया है। मध्य प्रदेश के झाबुआ से ये फेमस कड़कनाथ मुर्गों के चूजे मंगाए गए थे। अभी तो उनके फार्म में मुर्गे-मुर्गियां बड़े भी हो गए हैं। पिछले ही दिनों एक खबर आई थी कि रांची के बाजार में धोनी के कड़कनाथ मुर्गे और अंडे बिक्री के लिए आए थे।कितने रुपये में बिकते हैं कड़कनाथ मुर्गे और अंडे कड़कनाथ मुर्गों में फैट और कोलेस्ट्रोल बहुत ही कम होता है, जबकि इसमें प्रोटीन की भरमार होती है। स्वास्थ्य से जुड़े फायदों की वजह से ही इसकी कीमत भी 1000 रुपये से 1200 रुपये प्रति किलो तक होती है। यही नहीं, इस मुर्गो को 1 किलो का होने में करीब 8 महीने का वक्त लग जाता है, जबकि ब्रॉयलर मुर्गे 2 महीने से भी कम समय में 1 किलो के हो जाते हैं। इसकी वजह से भी ये मुर्गे महंगे होते हैं। इसके एक मुर्गे पर करीब 500-600 रुपये तक का खर्च आ जाता है। इसके अंडे भी करीब 30-35 रुपये में बिकते हैं और अंडे देनी वाली कड़कनाथ मुर्गी तो 3-4 हजार रुपये में बिकती है। उत्तराखंड, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में भी इसकी फार्मिंग होने लगी है।सरकार भी देती है मदद कड़कनाथ मुर्गों के पालन को सरकार भी बढ़ावा दे रही है। अगर आप कड़कनाथ मुर्गों का पालन करना चाहते हैं तो कृषि विज्ञान केंद्र से चूजे ले सकते हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारें कड़कनाथ मुर्गा पालन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं भी चला रही हैं। अगर बात छत्तीसगढ़ की करें तो 53 हजार रुपये जमा करने पर सरकार तीन किस्तों में 1000 चूजे, 30 मुर्गियों के शेड और 6 महीने तक का दाना मुफ्त में देती है। वहीं टीकाकरण से लेकर स्वास्थ्य संबंधी देखभाल की जिम्मेदारी भी सरकार उठाती है। मुर्गों के बड़े होने पर मार्केटिंग का काम भी सरकार करती है। वहीं मध्य प्रदेश में सरकार अंडे सेने के लिए हैचर मशीन मुफ्त में दे रही है। कड़कनाथ का जीआई टैग पाने के लिए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ आमने सामने थे, लेकिन आखिरकार मध्य प्रदेश को कड़कनाथ का जीआई टैग मिला।


Source: Navbharat Times July 17, 2021 11:03 UTC



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