DARE के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने ICAR-IIWBR, करनाल में चल रही अनुसंधान एवं विकास पहलों की समीक्षा की - News Summed Up

DARE के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने ICAR-IIWBR, करनाल में चल रही अनुसंधान एवं विकास पहलों की समीक्षा की


जाट ने करनाल में आईसीएआर संस्थानों की अनुसंधान पहलों की समीक्षा की. इस संरक्षण कृषि मंच ने महत्वपूर्ण परिणाम दिए हैं, जिनमें सिंचाई के पानी में 85 प्रतिशत तक की बचत, उर्वरक के उपयोग में 28 प्रतिशत की कमी, ईंधन की खपत में 51 प्रतिशत की बचत और फसल अवशेषों को जलाने में 95 प्रतिशत तक की कमी शामिल है. अनुमान है कि 25 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में इसे अपनाने और नाइट्रोजन के उपयोग में 30 प्रतिशत की कमी से लगभग 2,000 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत हो सकती है. ये प्रयास जलवायु परिवर्तन के लिए प्रतिरोधी गेहूं की किस्मों को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हों. आईआईडब्ल्यूबीआर में जौ के अनुसंधान और विकास का भी आकलन किया गया, जिसमें जलवायु-अनुकूल और संसाधन-दक्ष फसल के रूप में इसके महत्व पर प्रकाश डाला गया.


Source: Dainik Jagran April 10, 2026 09:04 UTC



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